बेंगलुरु , जुलाई 10 -- कर्नाटक सरकार उत्सवों का कर्षण बढ़ाने और विरासत को प्रदर्शित करने के लिए वर्ष 2026 के दशहरा उत्सव के हिस्से के रूप में पहली बार मैसूरु में तटीय क्षेत्रों की पारंपरिक भैंसा दौड़ 'कंबाला' का आयोजन करेगी।
विधान सभा में शुक्रवार को मुख्यमंत्री डी के शिवकुमार की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय दशहरा समीक्षा बैठक में 18 और 19 अक्टूबर को दो दिवसीय कंबाला कार्यक्रम आयोजित करने के प्रस्ताव पर चर्चा की गयी। बैठक में इस आयोजन के लिए एक अलग बजट आवंटित करने पर भी विचार-विमर्श किया गया। मैसूरु दशहरा कार्यक्रम में इसे शामिल करने को देश-विदेश से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ-साथ एक साझा मंच पर राज्य की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को प्रस्तुत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
पारंपरिक रूप से दक्षिण कन्नड़, उडुपी और उत्तर कन्नड़ के तटीय जिलों से जुड़ी कंबाला दौड़ कर्नाटक की सबसे प्रसिद्ध लोक खेल परंपराओं में से एक है।
बैठक में दशहरा 2026 की समय-सारणी को भी अंतिम रूप दिया गया, जिसकी तैयारियां उत्सव से काफी पहले शुरू होने वाली हैं। वन शिविरों से दशहरा हाथियों के दल की रवानगी का प्रतीक 'गजपायन कार्यक्रम 26 जुलाई से शुरू होगा। इसके बाद 26 अगस्त को मैसूरु पैलेस के प्रवेश द्वार पर हाथियों का पारंपरिक और औपचारिक स्वागत किया जाएगा।
राज्य के इस राजकीय उत्सव का औपचारिक उद्घाटन 11 अक्टूबर को चामुंडी पहाड़ी पर एक शुभ मुहूर्त में किया जाएगा। उत्सव का समापन विजयादशमी यानी 21 अक्टूबर को मैसूरु की सड़कों पर निकलने वाले भव्य 'जंबू सवारी' जुलूस के साथ होगा। विजयादशमी के दिन मुख्यमंत्री जुलूस से पहले शुभ मकर लग्न के दौरान पारंपरिक नंदी ध्वज पूजा करेंगे और फिर सोने के हौदे में विराजमान देवी चामुंडेश्वरी को पुष्पांजलि अर्पित करेंगे।
अधिकारियों ने बताया कि समीक्षा बैठक में सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, स्वच्छता, सार्वजनिक परिवहन, आवास और नागरिक बुनियादी ढांचे के व्यापक इंतजामों पर भी ध्यान केंद्रित किया गया ताकि हर साल लाखों भक्तों और पर्यटकों को आकर्षित करने वाले इस उत्सव का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक में गृह मंत्री जी परमेश्वर, मंत्री के जे जॉर्ज, के वेंकटेश और एच सी महादेवप्पा के अलावा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। उत्सव का उद्घाटन करने वाले मुख्य अतिथि का निर्णय करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित