मैंनपुरी, जुलाई 10 -- मैनपुरी जिले की एक अदालत ने शुक्रवार को हत्या के एक मामले में चार आरोपियों को दोष सिद्ध करार देते हुये उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषियों में 65-65 हजार का अर्थदंड भी लगाया है।अभियोजन पक्ष के अनुसार औंछा थाना क्षेत्र के ग्राम महलोई में बकरियों को खुला छोड़ने के विवाद में 9 वर्ष पूर्व युधिष्ठिर सिंह की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी। 22 अप्रैल 2017 की शाम करीब पांच बजे युधिष्ठिर सिंह ने गांव निवासी इरफान की बकरियों द्वारा उनके घर के सामने लगे पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचाने पर आपत्ति जताई थी। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई।
आरोप है कि इरफान ने अपने परिजनों और साथियों को बुला लिया, जिसके बाद लाठी-डंडों और ईंट-पत्थरों से युधिष्ठिर सिंह व उनके परिजनों पर हमला कर दिया गया। हमलावरों ने युधिष्ठिर सिंह को जमीन पर गिराकर बेरहमी से पीटा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल मैनपुरी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद गांव में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर हत्या समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की गई थी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एफटीसी द्वितीय) कमल सिंह की अदालत में हुई जहां सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध किए। अदालत ने इरफान, सत्तार, स्वराज और बंटी को हत्या का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास तथा 65-65 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अदालत के फैसले के बाद मृतक के बेटे मुकेश सिंह ने अदालत की कार्यवाही पर संतोष व्यक्त किया है।
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