मैनपुरी, अगस्त 28 -- रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा की सुविधा का सरकारी तोहफा शुक्रवार को मैनपुरी में यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन गया। त्योहार पर घर जाने के लिए निकले लोगों की भारी भीड़ के चलते बस अड्डों और प्रमुख मार्गों पर अफरा-तफरी जैसे हालात नजर आए। बसों में पैर रखने तक की जगह नहीं मिली तो कई परिवार बच्चों को खिड़कियों से बस के अंदर चढ़ाने को मजबूर दिखाई दिए। सुबह से ही मैनपुरी बस स्टेशन पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती गई। आगरा, इटावा, एटा, फर्रुखाबाद और आसपास के कस्बों की ओर जाने वाली बसों में क्षमता से कहीं अधिक यात्री सवार होने की कोशिश करते रहे। बस के आते ही यात्रियों में पहले चढ़ने की होड़ मच जाती। महिलाओं और बच्चों को बस में जगह दिलाने के लिए परिजनों को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
सबसे ज्यादा परेशानी छोटे बच्चों और बुजुर्गों को हुई। भीड़ के कारण कई यात्री बस के दरवाजे पर लटककर यात्रा करते नजर आए। कुछ परिवारों ने पहले बच्चों को खिड़की के रास्ते अंदर पहुंचाया और इसके बाद खुद बस में चढ़े। बसों के अंदर और बाहर यात्रियों की भीड़ का आलम यह था कि कुछ लोगों को अगली बस का इंतजार करना पड़ा।
रक्षाबंधन के चलते बड़ी संख्या में महिलाएं भाइयों को राखी बांधने मायके के लिए रवाना हुईं। सरकार की मुफ्त यात्रा सुविधा के कारण महिला यात्रियों की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ। हालांकि, यात्रियों की संख्या के अनुपात में बसों की उपलब्धता कम पड़ती नजर आई।
यात्रियों ने कहा कि महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा अच्छी पहल है, लेकिन त्योहार के दिनों में यात्रियों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में परिवहन विभाग को पहले से अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करनी चाहिए थी, ताकि यात्रियों को घंटों इंतजार और भीड़भाड़ के बीच जोखिम भरी यात्रा न करनी पड़े।
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