आज़मगढ़ , अप्रैल 05 -- सूचना क्रांति के दौर में सोशल मीडिया जहां अभिव्यक्ति का माध्यम बन रही है, वहीं सोशल मीडिया के जरिये लोगों की जान भी बच रही है। एक ऐसा ही मामला आजमगढ़ में देखने को मिला है। सोशल मीडिया पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट "मैं और मेरी स्टोरी भी लास्ट" के 8 मिनट के अंदर मेटा अलर्ट पर मौके पर पहुंची यूपी पुलिस को एक युवती की जान बचाने में सफलता मिली है। बीते तीन अप्रैल को आज़मगढ़ के थाना सिधारी क्षेत्र की एक 19 वर्षीय युवती ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ा वीडियो पोस्ट किया। वीडियो में युवती ने लिखा, "मैं भी और मेरी स्टोरी भी लास्ट है, क्योंकि मैं जा रही हूँ अपनी अम्मी के पास" और अत्यधिक मात्रा में दवाइयां खाते हुए दिखाई दी।
रात 10:18 बजे मेटा कंपनी की ओर से यह अलर्ट पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से प्राप्त हुआ। मामले को तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, राजीव कृष्ण के निर्देश पर युवती की लोकेशन ट्रेस कर आज़मगढ़ पुलिस को सूचित किया गया।
सूचना मिलते ही थाना सिधारी पुलिस टीम, जिसमें उप निरीक्षक व महिला उप निरीक्षक शामिल थे, मात्र 8 मिनट में युवती के घर पहुंच गई। उस समय युवती की हालत गंभीर थी और वह बेहोश हो चुकी थी। पुलिस ने तुरंत परिजनों के सहयोग से उसे एंबुलेंस द्वारा नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू किया गया।
स्वस्थ होने के बाद युवती ने बताया कि पारिवारिक विवाद और अकेलेपन के कारण वह मानसिक तनाव में थी, जिससे यह कदम उठाया। पुलिस ने उसकी काउंसलिंग कर भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की सलाह दी।
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