बालोद , फरवरी 21 -- ) छत्तीसगढ़ के बालोद जिले अंतर्गत ग्राम मेढ़की में ग्राम समिति ने सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए शनिवार को सख्त कदम उठाते हुए सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध चुगली करते पाए जाने पर 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
जिला मुख्यालय से लगभग तीन किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में कुछ सप्ताह पूर्व आपसी चुगली के चलते दो पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई थी। चौक-चौराहों पर बैठकर की गई टिप्पणियों और एक-दूसरे के खिलाफ फैलायी गई बातों से गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया था। इसी पृष्ठभूमि में ग्रामीणों ने सामूहिक बैठक बुलाकर समस्या के समाधान पर चर्चा की।
बैठक में यह निष्कर्ष निकाला गया कि गांव में फैल रही चुगली आपसी मनमुटाव और विवाद की प्रमुख वजह है। इसके बाद ग्रामसभा ने निर्णय लिया कि किसी भी चौक-चौराहे, सार्वजनिक स्थल, धार्मिक अथवा सामाजिक कार्यक्रमों में किसी व्यक्ति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली टिप्पणी पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उल्लंघन की स्थिति में 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा।
सरपंच मंजूलता परस साहू, ग्राम पटेल होरी लाल गजपाल, ग्राम विकास समिति के अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, समाजसेवी धनराज साहू एवं चंद्रेश हिरवानी ने बताया कि गांव का भाईचारा और शांति बनाए रखना प्राथमिकता है। कुछ लोगों द्वारा की जा रही चुगली से विवाद की स्थिति बन रही थी, जिससे वातावरण प्रभावित हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए सर्वसम्मति से यह नियम लागू किया गया है।
मेढ़की गांव में शराब को लेकर पहले से ही सख्त नियम लागू हैं। शराब बेचने या सार्वजनिक स्थान पर शराब पीने पर 10,000 रुपये जुर्माना निर्धारित है। सूचना देने वाले व्यक्ति को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित करने का भी प्रावधान किया गया है।
इस बार की बैठक में यह भी तय किया गया कि धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शराब पीकर शामिल होने वाले व्यक्ति पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया जाएगा। जुर्माने से प्राप्त राशि का उपयोग जनहित और विकास कार्यों में किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रत्येक माह बैठक कर नियमों की समीक्षा की जाती है।
अपर कलेक्टर अजय किशोर ने कहा कि ग्रामीणों ने गांव की बेहतरी और शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया होगा। यह ग्राम समिति का आंतरिक निर्णय है, इस पर प्रशासन की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।
गौरतलब है कि ग्राम मेढ़की का यह फैसला अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीणों का मानना है कि इस पहल से गांव में आपसी सौहार्द और अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
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