चित्तौड़गढ़ , जून 02 -- राजस्थान में उच्च शिक्षा विभाग ने फर्जी डिग्रियां बांटने के आरोप प्रमाणित होने के बाद छात्र हितों को ध्यान में रखते हुुए चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में किसी भी शैक्षणिक एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम में नवीन प्रवेश पर रोक लगा दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव मुकेश कुमार ने सोमवार को इस आशय के आदेश जारी किये। आदेश में कहा गया है कि मेवाड़ विश्वविद्यालय के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की जांच के लिए उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गयी थी, जिसने विश्वविद्यालय प्रबंधन से विभिन्न आरोपों एवं अनियमितताओं पर जवाब मांगा था। उसका प्रबंधन ने जवाब दे दिया जो विश्वविद्यालय के संविधान की धारा 32,33 एवं 35 का स्पष्ट उल्लंघन है।
आदेश के अनुसार विभिन्न फर्जी डिग्रियां बांटने के आरोप प्रमाणित होने के साथ नये मामले भी आने और इस विश्वविद्यालय के अधिकारियों कार्मिकों की फर्जी डिग्री मामलों में लगातार हो रही गिरफ्तारियों के मद्देनजर छात्र हित में इस विश्वविद्यालय के किसी भी पाठ्यक्रम के लिए किसी भी तरह से नवीन प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गयी है।
आदेश की प्रति राज्यपाल, मुख्यमंत्री, उच्च शिक्षा मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, बार काऊंसिल आफ इंडिया, फार्मेसी आयुक्त, कृषि आयुक्त और अन्य सभी व्यावसायिक विषयों की नियामक संस्थाओं को भी प्रेषित की गयी है।
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