वाराणसी , फरवरी 27 -- ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय द्वारा फैसला सुरक्षित रखे जाने और गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने के बाद कहा कि उनके खिलाफ "मीडिया ट्रायल" चलाया जा रहा था और कोर्ट के बाहर ही फैसला सुनाया जा रहा था। उन्होंने कहा, "न्यायालय ने गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हमने जो दलीलें रखीं कि मुकदमा झूठा बनाया गया है, माननीय न्यायाधीश ने उनमें बल पाया और इसी आधार पर आदेश पारित किया। न्यायालय ने हमारी बात को समझा है। बटुक आश्रम में रहने संबंधी जो व्यापक प्रचार किया गया, वह प्रमाणित नहीं हो सका। फर्जी कहानी बनाकर देश को भ्रमित किया गया।"शंकराचार्य ने आरोप लगाया कि विपक्ष की ओर से न्यायालय में किसी सीडी का उल्लेख तक नहीं किया गया, जबकि मीडिया में इस विषय को उछाला जा रहा था। उन्होंने कहा कि इस प्रकार कोर्ट के बाहर ही ट्रायल चलाया जा रहा था। उन्होंने संकेत दिया कि आगे मानहानि की कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा।

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