जिरीबाम , अप्रैल 05 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद ने रविवार को कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य में स्थायी शांति स्थापित करना है।
श्री खेमचंद शनिवार से जिरीबाम जिले में हैं। उन्होंने जिरीबाम को एक आदर्श जिला बनाने के प्रति अपनी सरकार के संकल्प को व्यक्त करते हुए जिले में प्रस्तावित अंतर-राज्यीय ट्रक टर्मिनस स्थल पर मीडियाकर्मियों से बात करते हुए ये बातें कहीं।उन्होंने सामुदायिक नेताओं, समाज के विभिन्न वर्गों से विस्थापित लोगों और सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की तथा स्वास्थ्य और अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने कहा, "हर समुदाय शांति चाहता है और हमें विश्वास की कमी को दूर करने की आवश्यकता है। मेरा उद्देश्य शांति बहाल करना है।"विभिन्न समुदायों के बीच विश्वास कायम करने में जिरीबाम के महत्व के पर श्री खेमचंद ने कहा कि तीन मई, 2023 की घटना के बाद उत्पन्न अभूतपूर्व संकट के पश्चात् जिरीबाम ही वह स्थान था, जहाँ सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले लोग एकत्रित हुए और उन्होंने एक साथ भोजन किया।
उन्होंने बताया कि वे नगर नियोजन विभाग से सलाह-मशविरा करके अंतर-राज्य ट्रक टर्मिनस वाली जगह पर पर्यटन से जुड़ी परियोजनाएं शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करेंगे, क्योंकि इस काम के लिए तय की गयी जगह काफी बड़ी है और वहां कई परियोजनाएं शुरू की जा सकती हैं। श्री खेमचंद ने कहा कि राज्य का मुख्यमंत्री बनने के बाद यह उनका इस जिले का दूसरा दौरा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार का मकसद अलग-अलग समुदायों के बीच आपसी भाईचारा बढ़ाना और राज्य में शांति बहाल करना है। मुख्यमंत्री ने उस जगह पर वृक्षारोपण अभियान की भी अगुवाई की, जिसका आयोजन जिरीबाम वन प्रभाग ने किया था। इस अभियान में विधायक और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री असम खासकर कछार और हैलाकांडी जिलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) उम्मीदवारों के लिए चुनाव प्रचार करेंगे।
गौरतलब है कि जिरीबाम जिला असम से सटा हुआ है, जहाँ पहले भी कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं और मई 2023 से ही कुकी संगठनों ने यहां के दोनों राजमार्गों को बंद कर रखा था। हिंसा भड़कने के बाद यह पहला मौका है जब मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से इस राजमार्ग पर यात्रा कर पाये हैं।
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