कोलकाता , अक्टूबर 05 -- इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेलते हुए कन्कशन और उंगली की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर होने वाले अंगकृष रघुवंशी अब पुनर्वास पूरा कर मैदान पर लौट आए हैं और उन्होंने क्रिकट का आनंद लेते हुए दोहरा शतक जड़कर अपने कौशल का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि मेरा ध्यान इस बात पर है कि मैं अपनी टीम के लिए कितनी ट्रॉफियां जीत सकता हूं।
22 वर्षीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने 2026-27 घरेलू सीजन की तैयारी के तहत कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (केएससीए) की के थिम्मप्पैया मेमोरियल ट्रॉफी में हिस्सा लिया। इसके बाद उन्होंने चेन्नई में शेष भारत की ओर से घरेलू अंडर 23 चैंपियन तमिलनाडु के खिलाफ चार दिवसीय मैच भी खेला।
रघुवंशी ने रविवार को चेपॉक में कहा, "कुछ तकनीकी पहलू हैं जिन पर मैं काम कर रहा हूं और जिनमें सुधार करना चाहता हूं। लेकिन मैं व्यक्तिगत लक्ष्यों के बारे में नहीं सोच रहा हूं। मेरा फ़ोकस इस बात पर है कि मैं अपनी टीम के लिए कितनी ट्रॉफ़ियां जीत सकता हूं। चाहे वह मेरी घरेलू टीम मुंबई हो या मेरा क्लब पारसी जिमखाना। यहां मैंने अपने खेल का पूरा आनंद लिया। हर क्रिकेटर मैदान पर रहना चाहता है, कोई भी चोटिल होकर घर पर नहीं बैठना चाहता। मैं शुक्रगुजार हूं कि मुझे फिर से मैदान पर लौटने का मौका मिला। बहुत मजा आया। उम्मीद है कि मैं पूरे सीजन फ़िट रहूंगा और अच्छा प्रदर्शन करूंगा।"पहली पारी में 51 रन बनाने के बाद रघुवंशी ने दूसरी पारी में और बड़ा स्कोर बनाया। उन्होंने चेन्नई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों में 281 गेंदों पर 203 रन बनाए, जो उनकी फ़िटनेस का भी प्रमाण था। उन्होंने असमान उछाल वाली पिच पर तमिलनाडु के स्पिनरों के खिलाफ तरह-तरह के स्वीप शॉट खेले।
रघुवंशी ने कहा, "मैं बस गेंद को देखकर खेलने और क्रिकेट का आनंद लेने की कोशिश कर रहा था। इतने लंबे समय बाद क्रिकेट खेल रहा हूं, इसलिए इस पारी ने मुझे काफी स्पष्टता दी।मैदान पर अपनी मौजूदगी से मुझे ख़ुशी मिलती है। इसलिए मैंने जितनी देर संभव हो बल्लेबाजी करने की कोशिश की। हर बल्लेबाज शतक और बड़ा शतक बनाना चाहता है। इसलिए मैं कहूंगा कि यह मेरे लिए अच्छा दिन था।"हाल के वर्षों में रघुवंशी को चोटों ने बहुत परेशान किया है। उंगली में फ्रैक्चर के अलावा उनकी पीठ में स्ट्रेस फ्रैक्चर भी हुआ था। हालांकि उन्होंने इन चुनौतियों का डटकर सामना किया। इस दौरान उनके बचपन के मेंटॉर और केकेआर के मुख्य कोच अभिषेक नायर ने उनकी बहुत मदद की।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित