मेरठ , अक्टूबर 25 -- उत्तर प्रदेश में मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित लगभग 35 वर्ष पुराने सेंट्रल मार्केट (व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स) को उच्चतम न्यायालय के आदेश पर शनिवार को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।

ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के दौरान कई दुकानदार अपने वर्षों पुराने कारोबार को मिट्टी में मिलते देख फूट-फूटकर रो पड़े। किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था तथा पूरे इलाके की निगरानी ड्रोन के माध्यम से की गई।

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने 17 दिसंबर 2024 को आदेश जारी कर सेंट्रल मार्केट स्थित इस आवासीय भूखंड पर बने व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स को तीन माह के भीतर खाली कराने और उसके बाद दो सप्ताह में गिराने का निर्देश दिया था। हालांकि यह कार्रवाई निर्धारित समय से लगभग दस माह बाद पूरी की गई।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, कॉम्प्लेक्स के 22 दुकानदारों को गत शुक्रवार रात ही दुकानें खाली करने का निर्देश दिया गया था। यह भूमि वर्ष 1986 में आवासीय प्रयोजन के लिए आवंटित की गई थी, लेकिन समय के साथ यहां अवैध रूप से व्यावसायिक निर्माण होता गया। आवास विकास परिषद ने वर्ष 1990 में नोटिस जारी करके इसे गिराने का आदेश दिया था, परंतु लम्बी कानूनी प्रक्रिया के चलते कार्रवाई वर्षों तक टलती रही। आखिरकार आज इस कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद अधिकांश व्यापारियों ने अपनी दुकानों से सामान नहीं हटाया था।

मेरठ के सामाजिक कार्यकर्ता एवं याचिकाकर्ता लोकेश खुराना ने न्यायालय में अवमानना याचिका दायर की थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए 6 अक्टूबर को उच्चतम न्यायालय ने गृह सचिव, आवास आयुक्त, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आवास विकास परिषद के अधिकारियों तथा नौ व्यापारियों को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया था। इस मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित है, जबकि आज 25 अक्टूबर को न्यायालय के आदेशानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पूरी कर ली गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित