चंडीगढ़ , अक्टूबर 05 -- ) चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सोमवार को 118वें अखिल भारतीय मेयर्स काउंसिल सम्मेलन में देशभर से आए मेयरों को प्रभावी तरीके से काम करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मेयर का काम केवल दफ्तर में बैठकर अधिकारियों से रिपोर्ट लेना नहीं है। उन्हें सुबह-सुबह बिना किसी अधिकारी को साथ लिए शहर की गलियों, बाजारों और पार्कों में जाना चाहिए और सफाई, सड़कों, नालियों सहित लोगों की समस्याओं को खुद देखना चाहिए।
श्री कटारिया ने कहा कि जनप्रतिनिधियों का जनता से सीधा जुड़ाव जरूरी है। जितना अधिक मेयर लोगों के बीच जाएंगे, उतनी ही ज्यादा समस्याओं की जानकारी मिलेगी और उनके समाधान के रास्ते भी निकलेंगे। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई को केवल औपचारिकता नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज लगभग हर शिकायत ऑनलाइन दर्ज हो सकती है। इसलिए मेयरों को रोज शाम अधिकारियों के साथ बैठक कर शिकायतों की समीक्षा करनी चाहिए। पानी, बिजली, सफाई, पार्क और अन्य सुविधाओं से जुड़ी कितनी शिकायतें आईं और कितनी का समाधान हुआ, इसकी जानकारी मेयर के पास होनी चाहिए।
श्री कटारिया ने कहा कि यदि किसी इलाके की स्ट्रीट लाइट चार महीने तक खराब रहती है तो यह व्यवस्था की कमजोरी है। शिकायत आने के बाद उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए और समयबद्ध तरीके से समाधान होना चाहिए।
प्रशासक ने कहा कि किसी बड़े व्यक्ति के आने पर चाय-पानी में समय देने के बजाय आम आदमी की समस्या को दो मिनट सुनना अधिक जरूरी है। अधिक से अधिक लोगों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान का रास्ता निकालने से जनता का भरोसा बढ़ेगा।
उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर करीब 80 प्रतिशत समस्याएं नगर पालिका और पंचायत से जुड़ी होती हैं। यदि स्थानीय निकाय इन समस्याओं का समाधान प्रभावी ढंग से कर दें तो लोगों की संतुष्टि काफी बढ़ सकती है।
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