रोहतक , जुलाई 23 -- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और रोजगारोन्मुख बना रही है। इसी दिशा में सरकार ऐसी योजना तैयार कर रही है, जिसके तहत मेधावी विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जाएगा, ताकि उनका वैश्विक दृष्टिकोण और बौद्धिक विकास हो सके।
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) रोहतक के राधाकृष्णन सभागार में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 10वीं, 12वीं और ओलंपियाड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार सृजक बनाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर आगे बढ़ने और नई ऊंचाइयों को हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि सरकारी स्कूलों में 391 एसटीईएम लैब स्थापित की जा चुकी हैं, जबकि 250 विद्यालयों में 25 करोड़ रुपये की लागत से अटल टिंकरिंग लैब विकसित की जा रही हैं। प्रदेश में 468 पीएम श्री और मॉडल संस्कृति विद्यालय संचालित हैं तथा 250 उत्कृष्ट विद्यालय भी स्थापित किए जाएंगे, जहां हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों से शिक्षा उपलब्ध होगी।
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