तिरुवनंतपुरम , सितंबर 14 -- मेटा ने भारत में एक वायरल एआई-जनित वीडियो को देखने पर रोक लगा दी है, जिसमें केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन को केरल राज्य बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के साथ डांस करते हुए दिखाया गया था। इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर 1.78 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया था।
एआई कवाला' नाम के इंस्टाग्राम पेज पर पोस्ट किया गया यह वीडियो राज्य में चल रहे बिजली संकट और बिजली कटौती को लेकर हो रही व्यापक आलोचना के बीच वायरल हुआ था। इसमें श्री सतीशन का एआई-जनित वीडियो केओसईबी कर्मचारियों के साथ 'अला बोलेलो' गाने पर डांस करते हुए दिखाया गया था। यह गाना हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'जेलर 2' के लिए श्री अनिरुद्ध रविचंदर ने कंपोज किया था।
एआई कवाला अकाउंट ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए अपने फॉलोअर्स को बताया कि मेटा ने भारत में इस वीडियो को देखने पर रोक लगा दी है। मेटा ने इस रोक का कारण आधिकारिक तौर पर नहीं बताया है।
यह वीडियो त्रिशूर के रहने वाले युवाओं अभिजीत के.एस. और अखिल नेल्लीक्कल ने अपने इंस्टाग्राम पेज के लिए बनाया था। रिपोर्टाें के मुताबिक, इस एआई-जनित वीडियो को बनाने में दोनों को लगभग पाँच घंटे लगे। उन्होंने शुरू में बिजली मंत्री सनी जोसेफ को इसमें शामिल करने के बारे में सोचा था, लेकिन बाद में श्री सतीशन का चेहरा इस्तेमाल करने का फैसला किया। कई गानों पर विचार करने के बाद, उन्होंने 'अला बोलेलो' को चुना क्योंकि उस समय वह ट्रेंड कर रहा था।
वीडियो बनाने वालों ने एक डिस्क्लेमर भी दिया था कि यह वीडियो पूरी तरह से मनोरंजन के लिए बनाया गया था और इसका मकसद किसी का अपमान करना या किसी की छवि खराब करना नहीं था। बताया जाता है कि पोस्ट किए जाने के दो दिनों के भीतर ही इस क्लिप को 1.7 करोड़ से ज़्यादा बार देखा गया।
श्री सतीशन ने खुद इस वीडियो पर मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। वे एर्नाकुलम में केरल केरल न्यायिक अकादमी और राष्ट्रीय उन्नत विधिक अध्ययन विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित संगीत, सिनेमा और कानून पर एक सेमिनार में बोल रहे थे। श्री सतीशन ने अपनी एआई-जनित वीडियो का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने वीडियो देखा और पाया कि मैं मोहनलाल और मेरे दोस्त, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय से बेहतर डांस कर रहा था। मैं हैरान और चौंक गया था।"उनकी यह टिप्पणी कृत्रिम बुद्धिमत्ता के तेजी से बढ़ते और बेहतर होते इस्तेमाल और कॉपीराइट, बौद्धिक संपदा और लोगों के अनधिकृत डिजिटल रीक्रिएशन पर हो रही व्यापक बहस के बीच आई है। सोशल मीडिया पर 'लॉयरब्रो' के नाम से मशहूर कानूनी कमेंटेटर श्री नवनीत ने कहा कि मेटा कुछ खास हालात में ऐसे सामग्री पर रोक लगा सकता है या उसे हटा सकता है। इन हालात में लोगों की डिजिटल रूप से बदली हुई तस्वीरों की शिकायतें, इंस्टाग्राम की एआई से जुड़ी नीतियों का उल्लंघन, सरकारी नोटिस या कोर्ट के आदेश, और वीडियो में उपयोग की गई सामग्री से जुड़ी कॉपीराइट शिकायतें शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि वीडियो पर रोक लगाने का मतलब यह नहीं है कि कंटेंट गैर-कानूनी था, और उन्होंने इस क्लिप को राजनीतिक व्यंग्य बताया।
इस घटना ने व्यंग्य और बिना इजाजत किसी की डिजिटल नकल के बीच फर्क करने की बढ़ती मुश्किल को उजागर किया है, क्योंकि एआई उपकरण अब किसी व्यक्ति के चेहरे, चाल-ढाल और आवाज की बहुत असल जैसी नकल करने में सक्षम होते जा रहे हैं। कानूनी विशेषज्ञों ने डीपफेक, व्यक्तित्व अधिकार और सिंथेटिक मीडिया को नियंत्रित करने वाले मौजूदा नियमों में कमियों की ओर भी इशारा किया है, खासकर तब जब मामला सार्वजनिक हस्तियों से जुड़ा हो।
उनका यह वीडियो केरल में बिजली संकट के दौरान एआई से बने मीम्स और पैरोडी कंटेंट की एक बड़ी लहर के हिस्से के तौर पर सामने आया। कई अन्य एआई क्लिप और मीम्स में मुख्यमंत्री और बिजली मंत्री को मजेदार स्थितियों में दिखाया गया है, जिससे बिजली कटौती को लेकर जनता का गुस्सा तेजी से फैल रहे सोशल-मीडिया व्यंग्य अभियान में बदल गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित