लखनऊ , अक्टूबर 16 -- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेटा कंपनी से मिले अलर्ट पर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आत्महत्या करने जा रहे 26 वर्षीय युवक की जान बचा ली।
सआदतगंज थाना क्षेत्र के निवासी युवक ने पत्नी और ससुराल वालों से विवाद के बाद इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट किया था। पुलिस टीम महज 10 मिनट में उसके पास पहुंच गई और उसे सुरक्षित बचा लिया।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, 15 अक्टूबर को युवक ने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट कर कहा था कि वह बहुत परेशान है, उसकी पत्नी और ससुराल वाले उसके खिलाफ हैं और वह मरने जा रहा है। इस पोस्ट के संबंध में उसी दिन अपराह्न 3:51 बजे मेटा कंपनी की ओर से पुलिस महानिदेशक कार्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिए अलर्ट मिला।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन का पता लगाया और लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट को सूचना दी। इसके बाद सआदतगंज थाने के उपनिरीक्षक योगेंद्र कुमार, आरक्षी आशीष पाल और आरक्षी अवनीश कुमार युवक के घर पहुंचे। पुलिस ने उसके परिजनों को इंस्टाग्राम पोस्ट की जानकारी दी और उन्हें साथ लेकर युवक की तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने महज 10 मिनट में युवक को खोज निकाला।
पुलिस के मुताबिक, युवक एक पुल पर खड़ा नदी की ओर देख रहा था और रोते हुए बड़बड़ा रहा था। उसकी स्थिति से आशंका हुई कि वह नदी में कूदकर आत्महत्या करने की कोशिश कर सकता है। पुलिसकर्मियों ने बिना देर किए उसे वहां से सुरक्षित हटाया और अपने साथ ले गए।
सामान्य स्थिति में आने पर युवक ने बताया कि वह डिलीवरी बॉय का काम करता है। पत्नी और ससुराल वालों से विवाद के कारण वह मानसिक तनाव और भावनात्मक अवसाद से गुजर रहा था। इसी वजह से उसके मन में आत्मघाती विचार आए और उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट किया।
पुलिस ने युवक की काउंसलिंग की, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। युवक के परिजनों ने पुलिस की तत्परता, संवेदनशीलता और सहयोग के लिए आभार जताया।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच वर्ष 2022 से ऐसी व्यवस्था लागू है, जिसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट किए जाने पर मेटा ई-मेल और फोन के माध्यम से पुलिस को अलर्ट भेजती है। इसके आधार पर पुलिस संबंधित व्यक्ति की पहचान और लोकेशन का पता लगाकर समय रहते सहायता पहुंचाने का प्रयास करती है।
पुलिस के मुताबिक, एक जनवरी 2023 से 10 अक्टूबर 2026 के बीच ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए 4,071 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस को एसकेओसीएच अवार्ड-2025 और द इकोनॉमिक टाइम्स गॉवटेक अवार्ड्स-2026 से सम्मानित भी किया गया है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित