लखनऊ , जुलाई 30 -- सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी वीडियो पोस्ट करने वाले शाहजहांपुर के एक 20 वर्षीय छात्र की जान उत्तर प्रदेश पुलिस ने मेटा से प्राप्त अलर्ट के आधार पर महज सात मिनट में मौके पर पहुंचकर बचा ली। छात्र अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद मानसिक तनाव और अवसाद से गुजर रहा था।

पुलिस मुख्यालय के अनुसार 29 जुलाई की रात करीब 11:30 बजे मेटा की ओर से पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के माध्यम से सूचना मिली कि शाहजहांपुर के थाना बंडा क्षेत्र का एक छात्र इंस्टाग्राम पर कीटनाशक पीकर आत्महत्या का वीडियो पोस्ट कर चुका है।

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर सोशल मीडिया सेंटर ने तत्काल उपलब्ध मोबाइल नंबर के आधार पर छात्र की लोकेशन ट्रेस कर संबंधित जानकारी शाहजहांपुर पुलिस को भेजी। सूचना मिलते ही थाना बंडा के उपनिरीक्षक अमरकांत सिंह, आरक्षी विशाल और आरक्षी दीपू शर्मा मात्र सात मिनट में छात्र के घर पहुंच गए। वहां छात्र के पास कीटनाशक की खाली बोतल पड़ी थी और वह उल्टी करने का प्रयास कर रहा था। पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए परिजनों की मदद से छात्र को तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां उपचार के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर उसे घर भेज दिया गया।

पूछताछ में छात्र ने बताया कि वह इंटरमीडिएट का विद्यार्थी है और प्रेम संबंध टूटने के कारण पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव एवं भावनात्मक अवसाद में था। इसी वजह से उसके मन में आत्मघाती विचार आए और उसने यह कदम उठाया।

पुलिस ने छात्र की काउंसलिंग कराई, जिसके बाद उसने भविष्य में ऐसा कदम नहीं उठाने का आश्वासन दिया। छात्र के परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का आभार व्यक्त किया।

पुलिस मुख्यालय ने बताया कि वर्ष 2022 से उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच एक विशेष व्यवस्था लागू है, जिसके तहत फेसबुक अथवा इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित पोस्ट मिलने पर मेटा ई-मेल और फोन के माध्यम से तत्काल उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट भेजता है।

मुख्यालय के अनुसार एक जनवरी 2023 से 15 जुलाई 2026 के बीच ऐसे अलर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस 3,420 लोगों की जान बचा चुकी है।

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