नयी दिल्ली , जुलाई 21 -- केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने मंगलवार को मेघालय में जीआई-टैग प्राप्त लाकाडोंग हल्दी की खेती और मूल्य शृंखला के विकास के लिए 175.45 करोड़ रुपये की 'मिशन गोल्डन स्पाइस-इंटीग्रेटेड लाकाडोंग टरमरिक वैल्यू चेन एन्हांसमेंट प्रोजेक्ट' का शुभारंभ किया।

पांच वर्ष (2025-2030) की इस परियोजना के तहत लाकाडोंग हल्दी के उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, विपणन और निर्यात को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया जायेगा। इस मिशन का संचालन पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (डोनर) और पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के नेतृत्व में किया जायेगा।

इस अवसर पर श्री सिंधिया ने कहा कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'अष्टलक्ष्मी' विजन के अनुरूप है। श्री संगमा ने कहा कि यह परियोजना मेघालय की विशिष्ट पहचान को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी।

डोनर मंत्रालय सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने अपनी शुरुआती बातों में मिशन के लागू करने के तरीके के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने मेघालय की लाकाडोंग हल्दी की पूरी आर्थिक क्षमता का फ़ायदा उठाने के लिए 'मिशन-मोड' अप्रोच की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि इसमें करक्यूमिन की बहुत ज़्यादा मात्रा (7-10 प्रतिशत), खास खुशबू और बेहतरीन न्यूट्रास्युटिकल क्षमता होने के बावजूद, छोटे किसानों की कमाई कम ही रहती है। इसकी वजह प्रोसेसिंग सुविधाओं की कमी, अपर्याप्त अवसंरचना, बाजार से कमजोर संपर्क और उच्च-मूल्य वृद्धि का न होना है। उन्होंने कहा कि प्रसंस्कृत और निर्यात स्तरीय उत्पाद की घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय दोनों बाज़ारों में काफ़ी ज़्यादा कीमत मिल सकती है।

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