तुरा , अप्रैल 22 -- मेघालय सरकार ने मूलनिवासियों के हितों को ध्यान में रखते हुए गारो हिल्स स्वायत्तजिला परिषद (जीएचएडीसी) के लिए एक विशेष चुनावी प्रणाली शुरू करने की दिशा में कदम उठाये हैं,जिसमें अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए एक समर्पित मतदाता सूची का प्रस्ताव शामिल है।

एक अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी। प्रस्तावित प्रणाली का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जीएचएडीसी चुनावों में केवल अनुसूचित जनजाति के मतदाता ही भाग लें। अधिकारियों ने इसे छठी अनुसूचीके क्षेत्रों में मूलनिवासियों के अधिकारों, भूमि स्वामित्व और पारंपरिक शासन संरचनाओं की रक्षा के प्रयास के रूप में वर्णित किया है।

अधिकारी ने कहा, "एसटी-विशिष्ट मतदाता सूची तैयार करने से इन जनजातियों का जनसांख्यिकीय और राजनीतिक भविष्य सुरक्षित होगा। साथ ही, भूमि हस्तांतरण नियमों को मजबूत करके जनजातीय भूमि की रक्षा होगी, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि छठी अनुसूची के क्षेत्रों में केवल जनजातीय प्रतिनिधि ही शासन प्रक्रिया में भाग लें।"उन्होंने कहा कि इन नियमों को लागू करके सरकार भारतीय संविधान की छठी अनुसूची की मूल भावना को बहाल कर रही है।

इन चिंताओं की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य शासन, नीति निर्माण और प्रशासन को उन लोगों के अनुरूप बनाये रखना है जिनकी वे सेवा करते हैं।

गत 24 मार्च को राज्यपाल सी.एच. विजयशंकर ने गारो हिल्स स्वायत्त जिला परिषद (जीएचएडीसी) के नये कानून को अपनी मंजूरी दी थी, जिसके तहत जनजातीय परिषद का चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवारों के पास अनुसूचित जनजाति (एसटी) प्रमाण पत्र होना अनिवार्य कर दिया गया है। यह संशोधन सात दशकों से अधिक समय के बाद जीएचएडीसी चुनावों में गैर-जनजातियों की भागीदारी पर रोक लगाता है।

भारतीय संविधान की छठी अनुसूची के तहत, मेघालय में जनजातीय स्वायत्तता, संस्कृति और शासन की रक्षाके लिए तीन जिला परिषदें खासी हिल्स, जयंतिया हिल्स और गारो हिल्स स्थापित की गयी हैं। इन स्वायत्तपरिषदों के पास वनों और कर संग्रह सहित विभिन्न मामलों पर अधिकार प्राप्त हैं।

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