शिलांग , जुलाई 13 -- चुनाव आयोग ने मेघालय में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) 2026 के दौरान 18,75,495 गणना प्रपत्र वितरित किए हैं।

एक चुनाव अधिकारी ने यहां सोमवार को बताया कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतर्गत राज्य के 79.82 प्रतिशत मतदाताओं तक गणना प्रपत्र पहुंचाए जा चुके हैं। गणना प्रपत्र वितरण चरण 30 जून से पूरे मेघालय में बूथ स्तर के अधिकारियों द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण और मतदाता विवरण के सत्यापन करने के साथ शुरू हुआ था।

पूरे राज्य में कुल 3,551 प्रशिक्षित बीएलओ तैनात किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, राज्य भर में एसआईआर प्रक्रिया की निगरानी और उसे सुगम बनाने के लिए 60 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, 166 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (एईआरओ) और 410 बीएलओ पर्यवेक्षकों को नियुक्त एवं प्रशिक्षित किया गया है।

मेघालय में वर्तमान में 23,49,645 मतदाता हैं। अब तक कुल मतदाताओं के 19.87 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हुए 4,66,918 मतदाताओं का विवरण डिजिटल किया जा चुका है।

जिलों में, पश्चिम जयंतिया हिल्स ने सबसे अधिक प्रगति दर्ज की है, जिसने अपने 96.93 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए हैं और इनमें से 9.64 प्रतिशत प्रपत्रों को डिजिटल कर दिया गया है। इसके बाद दक्षिण पश्चिम गारो हिल्स (94.33 प्रतिशत) और उत्तर गारो हिल्स (92.44 प्रतिशत) का स्थान है।

सबसे बड़े मतदाता वर्ग वाले जिले, पूर्वी खासी हिल्स ने 13 जुलाई तक 6,32,146 गणना प्रपत्र वितरित किए, जो इसके कुल मतदाताओं का 68.67 प्रतिशत है।

चुनाव अधिकारियों ने कहा कि गणना प्रपत्र वितरण के मामले में सबसे निचले पायदान पर पूर्वी जयंतिया हिल्स (71.76 प्रतिशत) जिला है।

घर-घर जाकर सत्यापन और गणना प्रपत्रों का वितरण 29 जुलाई तक जारी रहेगा।

चुनाव अधिकारी ने कहा, "गणना प्रपत्र वितरण चरण के दौरान कोई भी सहायक दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं है। यदि घर बंद मिलता है, तो बीएलओ को वहां गणना प्रपत्र की पर्ची छोड़नी होगी और प्रपत्र एकत्र करने के लिए तीन बार दौरा करना होगा।

मतदाताओं और आम जनता की सुविधा के लिए, वर्ष 2005 में आयोजित पिछले विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान तैयार की गई पुरानी मतदाता सूची 2005 को मुख्य चुनाव अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट और जिला प्रशासन की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया गया है।

अधिकारी ने कहा कि जो मतदाता अन्य राज्यों से आकर 2005 के बाद इस जिले में बसे हैं, उनके नाम मेघालय की 2005 की मतदाता सूची में नहीं मिल सकते हैं। ऐसे मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे मतदाता सेवा पोर्टल की सहायता ले सकते हैं।

ऐसी स्थिति में जहां वर्तमान मतदाता का नाम 2005 की पुरानी मतदाता सूची में नहीं दिखता है, लेकिन उनके माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी का नाम उसमें शामिल है, तो मतदाता गणना प्रपत्र में अपने ऐसे माता-पिता या दादा-दादी/नाना-नानी के संबंधित विवरण प्रस्तुत कर सकते हैं।

चुनाव अधिकारियों ने सभी पात्र मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि मतदाता सूची सटीक, पूर्ण और अद्यतित रहे।

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