शिलांग , मई 06 -- मेघालय सरकार ने 'चॉकलेट महाशीर' को आधिकारिक तौर पर प्रदेश की राजकीय मछली घोषित किया है।

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने घोषणा की कि यह निर्णय मंगलवार को राज्य कैबिनेट की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि देश के कई अन्य राज्यों के विपरीत मेघालय ने अब तक किसी भी राज्य मछली को नामित नहीं किया था, इसलिए कैबिनेट ने इस कमी को पूरा करने के लिए चॉकलेट महाशीर को यह दर्जा देने का फैसला किया।

श्री संगमा ने कहा कि यह प्रजाति मेघालय की मूल निवासी है और यह निर्णय इस स्वदेशी मछली की सुरक्षा और संरक्षण को बढ़ावा देने पर जोर देने के लिए लिया गया है।

स्थानीय रूप से खासी भाषा में 'खसाव' और गारो भाषा में 'ना-रंग' के नाम से जानी जाने वाली यह मछली उत्तर-पूर्व के विभिन्न हिस्सों और दक्षिण-पूर्व एशिया में पाई जाती है।

इस घोषणा के साथ मेघालय अपनी राज्य मछली घोषित करने वाला देश का 23वां राज्य बन गया है। इससे पहले नगालैंड और सिक्किम क्रमशः 2007 और 2021 में 'चॉकलेट महाशीर' (नियोलिसोचिलस हेक्सागोनोलेपिस) को अपनी राज्य मछली घोषित कर चुके हैं।

चॉकलेट महाशीर एक मीठे पानी की प्रजाति है जो आमतौर पर पूर्वोत्तर हिमालयी क्षेत्र की तेजी से बहने वाली नदियों और धाराओं में पाई जाती है। यह मछली पकड़ने के शौकीनों (एंगलर्स) के बीच काफी लोकप्रिय है और इसे एक स्वस्थ नदी पारिस्थितिकी तंत्र के संकेत के रूप में भी देखा जाता है , हालांकि अत्यधिक मछली पकड़ने, आवास के क्षरण और पानी की गुणवत्ता में गिरावट के कारण पिछले कुछ वर्षों में इस प्रजाति पर खतरा बढ़ता जा रहा है।

अपने विशिष्ट भूरे से गहरे चॉकलेट रंग के लिए जानी जाने वाली यह मछली लगभग 120 सेमी तक लंबी हो सकती है और इसका वजन 11 किलोग्राम तक हो सकता है। वर्तमान में यह आईयूसीएन की रेड लिस्ट के तहत 'संकटग्रस्त' श्रेणी में सूचीबद्ध है और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद - राष्ट्रीय मत्स्य आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो द्वारा इसे 'लुप्तप्राय' श्रेणी में रखा गया है, जो इसके संरक्षण की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।

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