शिलांग , अगस्त 27 -- मेघालय के महाधिवक्ता अमित कुमार के कानूनी बिरादरी के खिलाफ कथित बयानबाजी और राज्य के कानूनी मामलों के संचालन से जुड़े मुद्दों को लेकर शिलांग में वकीलों ने सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।

मेघालय उच्च न्यायालय बार एसोसिएशन और शिलांग जिला अदालत बार एसोसिएशन के सदस्यों ने मेघालय उच्च न्यायालय से सचिवालय तक मार्च निकाला। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने महाधिवक्ता के खिलाफ नारेबाजी की और हाथों में तख्तियां ले रखी थीं, जिन पर बार एसोसिएशनों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां बंद करने और स्थानीय मामलों के लिए बाहरी वकीलों को नियुक्त करने का विरोध दर्ज था।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब मेघालय उच्च न्यायालय में एक सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने कथित तौर पर कहा था कि शिलांग की कानूनी बिरादरी के भीतर यौन उत्पीड़न के कई मामले मौजूद हैं। इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए बार एसोसिएशनों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर अमित कुमार की टिप्पणियों की निंदा की। 5 अगस्त को आयोजित एक विशेष बैठक में संघ ने कुमार का नाम अपने रोल से हटाने का फैसला किया और घोषणा की कि उनके सदस्य अब उन्हें राज्य के महाधिवक्ता के रूप में मान्यता नहीं देंगे। इसके साथ ही संघ ने मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा को उन्हें पद से हटाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था।

दूसरी ओर, 24 अगस्त को मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने सार्वजनिक रूप से महाधिवक्ता का बचाव किया था। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेघालय को अमित कुमार जैसे योग्य व्यक्ति का मार्गदर्शन मिलना सौभाग्य की बात है, जो दिल्ली या उच्चतम न्यायालय में अपनी वकालत छोड़कर राज्य की सेवा कर रहे हैं।

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