शिलांग , जून 10 -- मेघालय उच्च न्यायालय ने बुधवार को उस आपराधिक याचिका पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया, जिसमें राज्य सरकार ने सोहरा में पिछले साल पति राजा रघुवंशी की हत्या की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली ज़मानत को चुनौती दी थी।

न्यायाधीश वानलुरा डिएंगडोह की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा, "प्रतिवादी के वकील एस. चंदा ने बताया है कि लिखित दलीलें आज ही जमा कर दी जाएंगी। इसलिए, जैसे ही लिखित दलीलें जमा होंगी मामले में फ़ैसला सुरक्षित रख लिया जाएगा।" बाद में उन्होंने कहा, "लिखित दलीलें जमा हो गयी हैं। फ़ैसला सुरक्षित रखा गया है।"गौरतलब है कि शिलांग स्थित अतिरिक्त उपायुक्त (न्यायिक) अदालत की न्यायाधीश दशलीन आर. खारबटेंग ने 27 अप्रैलको सोनम को सशर्त ज़मानत दे दी थी, जिसके खिलाफ राज्य सरकार ने उच्च न्यायालय का दरवाजा घटखटाया था। अदालत ने ज़मानत देते समय उसकी गिरफ़्तारी के दौरान प्रक्रिया में हुई कमियों का हवाला दिया था। अदालत ने पाया था कि उसे भारतीय न्याय संहिता की उस सही धारा के बारे में नहीं बताया गया था जिसके तहत उसे हिरासत में लिया गया था। हालांकि, राज्य सरकार का कहना था कि आरोपी को अपनी गिरफ़्तारी के आधारों की जानकारी थी और उसने चार मई को अदालत में ज़मानत रद्द करने की मांग करते हुए सहायक दस्तावेज़ जमा किए थे। इंदौर के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी की कथित तौर पर उनकी नयी-नवेली पत्नी सोनम के कहने पर हत्या कर दी गई थी। यह घटना मई 2025 में मेघालय के मशहूर पर्यटन केंद्र सोहरा में उनके हनीमून ट्रिप के दौरान हुई थी।

आरोप है कि राजा की हत्या मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तीन लोगों ने की थी। राजा का सड़ा-गला शव दो जून, 2025 को ईस्ट खासी हिल्स ज़िले के सोहरा सिविल सब-डिविज़न के रियाट अर्लियांग में वेइसॉवडोंग फॉल पार्किंग लॉट के नीचे एक गहरी खाई से बरामद किया गया था।

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