शिलांग , अक्टूबर 31 -- मेघालय के ऊर्जा मंत्री और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के अध्यक्ष मेटबाह लिंगदोह ने शनिवार को कॉनराड संगमा के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल से अपना इस्तीफा दे दियाश्री लिंगदोह ने 'यूनीवार्ता' को बताया, "मैंने राज्य के मौजूदा राजनीतिक हालात और यूडीपी के भीतर हालिया घटनाक्रमों की समीक्षा करने के बाद मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।"मुख्यमंत्री ने हालांकि अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
श्री लिंगदोह ने बताया कि यह फैसला शनिवार शाम पार्टी मुख्यालय में आयोजित यूडीपी केंद्रीय कार्यकारी समिति (सीईसी) की एक आपातकालीन बैठक के दौरान लिया गया। यह पूछे जाने पर कि क्या यूडीपी सत्तारूढ़ एनपीपी से अपने संबंध तोड़ने की योजना बना रही है, पार्टी अध्यक्ष ने कहा कि सीईसी ने राज्य के राजनीतिक हालात और 11 विधायकों के पार्टी छोड़ने के मामले पर विस्तार से चर्चा की है और आगे की रणनीति पर विचार जारी रहेगा।
वर्ष 2023 के विधानसभा चुनावों में 12 सीटें जीतने वाली यूडीपी को 1997 में अपने गठन के बाद से अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में पार्टी अब सिमट गई है और लिंगदोह ही इसके एकमात्र शेष विधायक बचे हैं। उल्लेखनीय है कि 12 में से आठ यूडीपी विधायक 23 सितंबर को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए थे, जबकि तीन अन्य एनपीपी में शामिल हो गए।
इसके साथ ही, एनपीपी ने बहुमत के 31 के आंकड़े को पार करते हुए 36 विधायकों के साथ अपना दबदबा और मजबूत कर लिया है, जबकि भाजपा 10 सीटों के साथ यूडीपी को पछाड़कर दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। वर्तमान में भाजपा और यूडीपी दोनों एनपीपी के नेतृत्व वाली मेघालय डेमोक्रेटिक अलायंस (एमडीए) सरकार का हिस्सा हैं।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित