शिलांग , अगस्त 19 -- मेघालय के छात्रों ने ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में श्री सीमेंट की प्रस्तावित 217.394 हेक्टेयर खनन परियोजना को चुनौती देते हुए कोलकाता स्थित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) की पूर्वी क्षेत्र पीठ के समक्ष एक याचिका दायर की है।

छात्रों के स्थानीय संगठन जयंतिया स्टूडेंट्स यूनियन (जेएसयू) के पदाधिकारियों ने यह याचिका मंगलवार को दायर की। जेएसयू ने यह कदम राज्य सरकार को दिये 10 दिनों के अल्टीमेटम की अवधि खत्म होने के बाद उठाया है। संगठन ने मेघालय सरकार से लुम सिरमन इलाके में श्री सीमेंट्स लिमिटेड के 1,800 करोड़ रुपये के सीमेंट कारखाने और चूना पत्थर खनन परियोजना के लिए 31 जुलाई को आयोजित पर्यावरणीय जन सुनवाई को रद्द करने की मांग की थी।

जेएसयू के सचिव पोहस्नेम ने कहा, " हम स्थानीय लोगों की रक्षा करने में विफलता और जानबूझकर की गई निष्क्रियता के लिए मेघालय सरकार, पुलिस और संबद्ध विभागों की कड़ी निंदा करते हैं।" संगठन ने कहा, " यदि एनजीटी पर्यावरणीय कारणों से स्थानीय कोयला खनन पर प्रतिबंध लगा सकता है, तो वही नियम इस कॉर्पोरेट परियोजना पर भी लागू होना चाहिए। हम इस दोहरे रवैये को उजागर करने के लिए इस लड़ाई को एनजीटी में ले जा रहे हैं।"यूनियन ने यह भी कहा कि वह 'कर्तव्य में घोर लापरवाही' के लिए जवाबदेही तय करने की मांग को लेकर मेघालय उच्च न्यायालय का रुख करेगी।

याचिका में वीडियो साक्ष्य भी शामिल किये गये हैं, जिनमें कथित तौर पर एक गर्भवती महिला को आपातकालीन चिकित्सा सेवा के लिए जाते समय खोदे हुए रास्ते पर रोके जाने, जेएसयू की एम्बुलेंस पर रात में हुए हमले और जनसुनवाई में प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पीडब्ल्यूडी सड़कों को नुकसान पहुंचाए जाने के दृश्य शामिल हैं। जेएसयू ने कहा कि वह जयंतिया हिल्स के लोगों के साथ खड़ा है और न्याय न मिलने पर बड़े पैमाने पर लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

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