बेंगलुरु , जुलाई 26 -- कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा पर अत्तिबेले के पास सैकड़ों कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने 'खाली बर्तन आंदोलन' करते हुए मेकेदातु पेयजल परियोजना को जल्द मंजूरी देने की मांग की।

कन्नड़ जागृति वेदिके द्वारा आयोजित इस विरोध-प्रदर्शन में प्रदर्शनकारियों ने तमिलनाडु सरकार पर इस पहल में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए राज्य में पीने के पानी के बिगड़ते संकट के प्रतीक के तौर पर खाली बर्तन लेकर आंदोलन किया। इस आंदोलन का नेतृत्व संगठन के राज्य अध्यक्ष मंजूनाथ देवा ने किया। जैसे-जैसे विरोध प्रदर्शन तेज हुआ, कार्यकर्ताओं ने बेंगलुरु-होसुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैठकर रास्ता रोक दिया, जिससे कुछ समय के लिए गाड़ियों की आवाजाही बाधित हुई।

पुलिस ने दखल देते हुए सड़क जाम करने की कोशिश करने पर मंजूनाथ देवा समेत सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। प्रदर्शनकारियों ने सभा को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कम बारिश और जलाशयों में घटते जलस्तर के कारण कर्नाटक गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है और बेंगलुरु तथा कई अन्य क्षेत्रों में पीने के पानी की जरूरतें पूरी करने में मुश्किल हो रही है।

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