बैतूल , जुलाई 23 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में लगभग 129 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बैतूल-आमला-बोरदेही-छिंदवाड़ा सीमा इंटरमीडिएट सड़क रखरखाव के अभाव में दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है। सड़क किनारे उगी घनी झाड़ियों के कारण कई अंधे मोड़ और अधिक खतरनाक हो गए हैं, जिससे वाहन चालकों को सामने से आने वाले वाहन दिखाई नहीं देते।

स्थानीय लोगों के अनुसार बैतूल शहर के सोनाघाटी फॉरेस्ट बैरियर से हमलापुर, खंडारा, आमला, बोरदेही होते हुए छिंदवाड़ा जिले की सीमा स्थित नागदेव मंदिर तक लगभग 72 किलोमीटर लंबी इस सड़क का निर्माण करीब 129 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। सड़क का निर्माण वर्ष 2019 में पूरा हुआ था। निर्माण अनुबंध के तहत पांच वर्ष तक ठेकेदार ने सड़क का रखरखाव किया, लेकिन मेंटेनेंस अवधि समाप्त होने के बाद पिछले करीब दो वर्षों से नियमित रखरखाव नहीं होने का आरोप है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बैतूल से खंडारा के बीच कई अंधे मोड़ों पर सड़क किनारे उगी कंटीली झाड़ियां और राईमुनिया जैसे पौधे सड़क तक फैल गए हैं। इसके कारण सामने से आने वाले वाहन और पैदल यात्री अंतिम क्षण तक दिखाई नहीं देते। वर्षा ऋतु में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से कई स्थानों पर सड़क पर पानी भर जाता है, जबकि कुछ हिस्सों में सड़क की सतह भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है।

इसी प्रकार हमलापुर-बाजपुर-बरसाली मार्ग पर भी सड़क किनारे झाड़ियों का फैलाव वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। सिंगल लेन सड़क होने के कारण दो वाहनों की क्रॉसिंग के दौरान दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है। दोपहिया वाहन चालकों का कहना है कि कई स्थानों पर झाड़ियां सीधे वाहनों से टकराती हैं, जबकि भारी वाहनों के चालकों को सामने से आने वाले वाहनों की जानकारी के लिए लगातार हॉर्न बजाना पड़ता है।

ग्रामीणों और नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करने वाले वाहन चालकों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की मरम्मत, जल निकासी व्यवस्था में सुधार तथा सड़क किनारे उगी झाड़ियों की तत्काल कटाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते आवश्यक रखरखाव नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर सड़क दुर्घटनाएं हो सकती हैं।

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