बेमेतरा , अगस्त 21 -- छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में आत्महत्या का प्रयास करने वाली एक महिला को कथित तौर पर मृत मानकर कमरे में ताला लगाने का मामला सामने आया है। करीब दो घंटे बाद पुलिस के दोबारा पहुंचने पर महिला की सांसें चलती मिलीं, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए। महिला को आईसीयू में भर्ती कराया गया है।
घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय लोगों ने परशुराम चौक पर बीते दिन चक्काजाम कर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
शुक्रवार को नागरिकों से प्राप्त जानकारी के अनुसार वार्ड नंबर 7 में रहने वाली देविका साहू (44) पिछले करीब 10 सालों से किराए के मकान में अपने तीन बच्चों के साथ रह रही हैं। उनका पति किसान है। गुरुवार को तीनों बच्चे स्कूल गए हुए थे। इसी दौरान दोपहर करीब 1:30 बजे देविका ने घर के अंदर रस्सी से फांसी लगाकर आत्महत्या करने की कोशिश की।
स्कूल से लौटने के बाद बच्चों को घर का दरवाजा बंद मिला। बच्चों ने इसकी सूचना मकान मालिक को दी, जिसके बाद सिटी कोतवाली पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा तोड़कर कमरे के अंदर गई।
परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि देविका साहू बेहोशी की हालत में पड़ी थीं लेकिन पुलिसकर्मियों ने उन्हें मृत समझ लिया। इसके बाद पुलिस ने कमरे में ताला लगा दिया और पंचनामा की कार्रवाई के लिए बाद में आने की बात कहते हुए वहां से चली गई। आरोप है कि इस दौरान परिजनों को भी कमरे के अंदर जाने नहीं दिया गया।
करीब दो घंटे बाद पुलिसकर्मी पंचनामा की कार्रवाई के लिए दोबारा मौके पर पहुंचे। कमरे का ताला खोला गया तो देविका की सांसें चल रही थीं। घटना से संबंधित वीडियो में महिला को "मुझे मरने दो, मुझे मरने दो" कहते हुए सुना जा रहा है।
महिला के जीवित होने का पता चलते ही परिजन उसे निजी वाहन से तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे आईसीयू में भर्ती कराया गया है और इलाज जारी है।
महिला के जीवित मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का पुलिस के प्रति आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि पुलिस ने पहली बार मौके पर पहुंचने के दौरान महिला की स्थिति की ठीक तरह से जांच की होती तो उसे करीब दो घंटे पहले ही अस्पताल पहुंचाया जा सकता था।
घटना के विरोध में परिजन और स्थानीय लोग परशुराम चौक पर सड़क पर बैठ गए और कुछ देर के लिए चक्काजाम किया। प्रदर्शनकारियों ने मामले में पुलिस की कथित लापरवाही की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
मकान मालिक के मुताबिक, देविका कुछ समय से तबीयत खराब होने के कारण परेशान थीं। पड़ोसियों से घर में अनबन की बात भी सामने आई है। हालांकि महिला ने आत्महत्या की कोशिश क्यों की, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आया है।
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