भीलवाड़ा , मई 09 -- राजस्थान में भीलवाड़ा नगर निगम के काइन हाउस में गौवंश की मृत्यु को लेकर उठ रहे सवालों के बीच पोस्टमार्टम के दौरान मृत नंदी के पेट से करीब 30 किलोग्राम से अधिक प्लास्टिक की थैलियां, कचरा और जूते के सोल निकले हैं।
चिकित्सकों के अनुसार वर्षों से जमा यह प्लास्टिक ही गौवंश की मौत का मुख्य कारण बना।
उल्लेखनीय है कि नगर निगम काइन हाउस का संचालन 'मुस्कान फाउंडेशन' द्वारा किया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों द्वारा संस्था की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे थे, लेकिन अब आधिकारिक रिपोर्ट सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है।
पशु चिकित्सकों ने बताया कि बेसहारा गौवंश अक्सर खाने की तलाश में प्लास्टिक और कचरा निगल लेते हैं। यह कचरा धीरे-धीरे उनके पेट में जमा होता रहता है और अंततः उनकी जान ले लेता है। विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी भारी मात्रा में प्लास्टिक जमा होने के बाद किसी भी उपचार से उन्हें बचाना बेहद मुश्किल हो जाता है।
उधर मुस्कान फाउंडेशन ने कहा कि संस्था लगातार बीमार और बेसहारा गौवंश की सेवा में जुटी है और अंतिम समय तक उनकी देखभाल की जा रही है। संस्था का कहना है कि वास्तविक समस्या व्यवस्थाओं में नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते प्लास्टिक उपयोग और खुले में फैले कचरे में है, जिसने गौवंश को यह जहरीला कचरा खाने पर मजबूर कर दिया।
संस्था और पशु प्रेमियों ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि सेवा कार्य करने वालों का मनोबल गिराने के बजाय प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने और गौवंश संरक्षण में सहयोग करें।
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