हैदराबाद , मार्च 18 -- तेलंगाना के आईटी एवं उद्योग मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने कहा है कि मूसी नदी पुनरुद्धार परियोजना के पहले चरण की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर प्रस्तुत कर दी गयी है। इसमें हिमायत सागर से बापू घाट (9.2 किमी) और उस्मान सागर से बापू घाट (11.8 किमी) तक के प्रमुख हिस्से शामिल हैं।

उन्होंने बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान विधानसभा में बताया कि परियोजना के पहले चरण की अनुमानित लागत 6,500 करोड़ से 7,000 करोड़ रुपये के बीच है। इस चरण में लगभग 1,435 संरचनाएं प्रभावित होने की संभावना है और संपत्तियों का अंतिम सर्वेक्षण एवं मूल्यांकन जारी है।

मंत्री ने कहा कि 11 फरवरी 2026 को नगर प्रशासन एवं शहरी विकास (एमएयूडी) विभाग द्वारा जारी जी.ओ. एमएस नंबर 16 के अनुसार, बफर जोन में पात्र परिवारों के लिए हस्तांतरण विकासात्मक अधिकार (टीडीआर) की अधिसूचना जारी की गई है। भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन 2013 के आरएफसीटीएलएआरआर अधिनियम के तहत किया जाएगा।

विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों के जवाब में श्रीधर बाबू ने स्पष्ट किया कि डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया दिसंबर 2024 में शुरू हुई थी, जबकि वास्तविक कार्य जनवरी 2025 में आरंभ हुआ और पहले चरण की रिपोर्ट फरवरी 2026 में प्रस्तुत की गई।

उन्होंने डीपीआर को जल्दबाजी में तैयार करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसी रिपोर्ट कुछ महीनों में तैयार नहीं की जा सकती है।

वित्तपोषण के मुद्दे पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने एशियाई विकास बैंक (एडीबी) को प्रस्ताव सौंपा है, जिसने कई बार स्थल निरीक्षण किया है और फिलहाल डीपीआर का मूल्यांकन कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंजूरी मिल जाएगी। इसके साथ ही सरकार सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वैकल्पिक वित्तपोषण विकल्पों की भी तलाश कर रही है।

उन्होंने डीपीआर तैयार करने वाली कंपनी के चयन का बचाव करते हुए कहा कि उसने भारत और विदेश में कई परियोजनाएं पूरी की हैं और भारत सरकार द्वारा उसे ब्लैकलिस्ट नहीं किया गया है।

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