गोरखपुर , जुलाई 18 -- उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार वर्षा के कारण शहर के अधिकांश निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हो गया है, जिससे लोगों को आवागमन, व्यापार और दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश थमने के करीब पांच घंटे बाद भी शहर के कई हिस्सों में पानी नहीं निकला, जिससे नगर निगम की जलनिकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। शहर की सड़कों, गलियों और रिहायशी इलाकों में जगह-जगह पानी जमा है। कई मोहल्लों में घरों के बाहर घुटनों तक पानी भर गया है, जबकि कुछ स्थानों पर पानी घरों के भीतर तक पहुंच गया है। इससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और बच्चों, नौकरीपेशा लोगों तथा दैनिक कामकाज करने वालों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हुई है।

बारिश का असर यातायात व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रमुख मार्गों पर जलभराव के कारण वाहन रेंग-रेंग कर चल रहे हैं और कई स्थानों पर लंबा जाम लगा हुआ है। शहर के धर्मशाला पुल के नीचे स्थित अंडरपास तथा चारों फाटक अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो जाने से इन मार्गों पर आवागमन ठप हो गया है। वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित हुई है।

स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर नालों की सफाई नहीं होने और जलनिकासी की समुचित व्यवस्था के अभाव में हर वर्ष बारिश के दौरान शहर को इसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ता है। कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं किया गया।

व्यापारिक क्षेत्रों में भी जलभराव से भारी नुकसान की आशंका है। राप्ती कॉम्प्लेक्स में स्थिति सबसे अधिक गंभीर बताई जा रही है, जहां 200 से अधिक दुकानों में चार फीट से ज्यादा पानी भर गया। दुकानों में रखा सामान पानी में डूबने से व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों से पानी निकालने में जुटे हैं, लेकिन लगातार जलभराव के कारण राहत नहीं मिल रही है।

बारिश के कारण बिजली और पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित होने की खबरें हैं। जलभराव वाले क्षेत्रों में शॉर्ट सर्किट का खतरा बना हुआ है, जबकि गंदे पानी के जमाव से जलजनित एवं संक्रामक रोग फैलने की आशंका भी बढ़ गई है। शहरवासियों ने जिला प्रशासन और नगर निगम से तत्काल प्रभावी राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जलभराव वाले इलाकों में पंपिंग सेट लगाकर पानी की निकासी कराई जाए, नालों की तत्काल सफाई कराई जाए तथा भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर मानसून में शहर को इस संकट का सामना न करना पड़े।

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