भोपाल , जुलाई 30 -- मध्य प्रदेश किसान सभा ने मूंग उत्पादक किसानों के आंदोलन के बाद राज्य सरकार से मूंग खरीदी को लेकर उत्पन्न भ्रम दूर करने की मांग करते हुए कहा है कि सरकार स्पष्ट करे कि घोषित समर्थन मूल्य पर खरीदी केवल कुछ जिलों तक सीमित है या पूरे प्रदेश में होगी।

किसान सभा के अध्यक्ष अशोक तिवारी, महासचिव अखिलेश यादव, कार्यकारी अध्यक्ष रामजीत सिंह तथा सहायक महासचिव जगदीश पटेल ने संयुक्त बयान में कहा कि सरकार को इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करना चाहिए। उनका कहना है कि सबसे विश्वसनीय तरीका यह होगा कि खरीदी के लिए पोर्टल खोला जाए, ताकि किसान स्वयं यह देख सकें कि सरकार की घोषणा वास्तविक रूप से लागू हुई है या नहीं।

किसान सभा ने आरोप लगाया कि मूंग खरीदी के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रही हैं। संगठन के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राज्य के कृषि मंत्री का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा तय सीमा के कारण खरीदी प्रभावित हो रही है, जबकि केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया है कि देशभर में मूंग खरीदी के लिए स्वीकृत कुल मात्रा का 87 प्रतिशत हिस्सा मध्य प्रदेश को दिया गया है, लेकिन 16 जुलाई तक केवल दो प्रतिशत खरीदी ही हो सकी है।

बयान के अनुसार, केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि वर्ष 2025-26 के लिए मूल्य समर्थन योजना के अंतर्गत मध्य प्रदेश में 4 लाख 54 हजार 580 मीट्रिक टन मूंग खरीदी की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है, जबकि 16 जुलाई 2026 तक केवल 7,947.92 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हुई है।

किसान सभा ने कहा कि यदि केंद्रीय कृषि मंत्री का दावा गलत है तो मुख्यमंत्री को उसका खंडन करना चाहिए, और यदि दावा सही है तो राज्य सरकार को किसानों से माफी मांगते हुए मात्र दो प्रतिशत खरीदी की स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

संगठन ने मूंग उत्पादक किसानों के आंदोलन को सफल बताते हुए आंदोलनकारी किसानों का अभिनंदन किया तथा अपनी सभी इकाइयों से सरकार के निर्णय को प्रभावी ढंग से लागू कराने के लिए सक्रिय रहने का आह्वान किया। किसान सभा ने मांग की कि प्रदेश में उत्पादित पूरी मूंग की खरीदी बिना किसी कोटा या सीमा के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सुनिश्चित की जाए।

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