हरारे , जुलाई 24 -- भारतीय टी-20 टीम के तेज गेंदबाज मयंक यादव ने कहा कि 2024 में पर्दापण के बाद चोटों ने मुझे मैदान से दूर कर किया, इतना सब कुछ झेलने के बाद उनका देश के लिए खेलने के जुनून कभी कम नहीं हुआ।
जिम्बाब्वे के खिलाफ पहले टी-20 में 18 रन देकर दो विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार जीतने वाले मयंक ने कहा, "यह दौर बहुत मुश्किल था। ख़ासकर दो साल का अंतराल मेरे लिए बड़ी चुनौती था क्योंकि उम्र भी मेरे पक्ष में नहीं थी। मैं तब सिर्फ़ 22-23 साल का था। मुझे लगा कि इतनी कम उम्र में ही मुझे इतना कुछ झेलना पड़ रहा है। लेकिन देश के लिए खेलने की प्रेरणा हमेशा बनी रही। इसलिए मैं वापसी करना चाहता था और पहले की तरह प्रदर्शन करना चाहता था।"तीन मैचों की सीरीज़ के पहले मुकाबले में भारत युवा तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतरा था। प्रिंस यादव ने हाल ही में इंग्लैंड और आयरलैंड के दौरे पर डेब्यू किया था और यह उनका चौथा टी-20 था। अशोक शर्मा ने इसी मैच से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। खु़द मयंक भी भारत के लिए केवल तीसरा मैच खेल रहे थे। 71 टी-20 खेल चुके शिवम दुबे टीम के सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज थे।
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