बैतूल , फरवरी 1 -- मध्यप्रदेश में बैतूल जिले की धार्मिक नगरी मुलताई में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। केवल दो दिनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में कुत्तों के हमलों में 20 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों की है। इस घटना से पूरे नगर में दहशत का माहौल है और नागरिकों में नगर पालिका के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार स्कूल जाते और खेलते समय बच्चों पर कुत्तों के झुंड अचानक हमला कर रहे हैं। एक नाबालिग बच्ची पर कुत्तों ने सामूहिक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। बच्ची को प्राथमिक उपचार के बाद बैतूल जिला अस्पताल रेफर किया गया। कई अन्य बच्चे भी घायल अवस्था में सिविल अस्पताल पहुंचे।
लगातार बढ़ते मामलों के चलते सिविल अस्पताल में आपात स्थिति बन गई। डॉक्टरों को अतिरिक्त इंतजाम करने पड़े और सभी घायलों को एंटी-रेबीज़ इंजेक्शन लगाए गए। चिकित्सकों ने चेतावनी दी है कि कुत्ते के काटने को हल्के में लेना जानलेवा साबित हो सकता है।
नगरवासियों का आरोप है कि नगर पालिका की लापरवाही के कारण यह स्थिति बनी है। लंबे समय से नसबंदी और पकड़-धकड़ अभियान बंद पड़ा है, जिससे आवारा कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
घटना के बाद सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल विशेष अभियान चलाने की मांग की है। इस संबंध में नगर के सीएमओ वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि बाहर से विशेषज्ञ टीम बुलाई जा रही है और दो दिनों के भीतर नसबंदी अभियान शुरू किया जाएगा। हालांकि, तब तक नगरवासियों के मन में यही सवाल है कि क्या मुलताई के लोग कुत्ता आतंक के साए में ही रहने को मजबूर रहेंगे।
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