बैतूल , नवम्बर 02 -- मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थस्थल मुलताई का नाम बदलकर 'मूलतापी' करने की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के दस महीने बाद भी सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव नहीं हो सका है। नाम परिवर्तन की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ने से स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं में इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 23 दिसंबर 2025 को अपने बैतूल प्रवास के दौरान मुलताई का नाम बदलकर मूलतापी करने की सार्वजनिक घोषणा की थी। इसके बाद नगरवासियों को उम्मीद थी कि जल्द ही सरकारी दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, लेकिन अब तक इस दिशा में आधिकारिक बदलाव नहीं हुआ है।
मुलताई नगरपालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी वीरेंद्र तिवारी ने बताया कि नाम परिवर्तन से संबंधित आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर भोपाल स्थित शासन स्तर पर भेजा जा चुका है। इस संबंध में आगे की प्रशासनिक और वैधानिक कार्रवाई राज्य सरकार के स्तर पर की जानी है।
उल्लेखनीय है कि मुलतापी नाम मां ताप्ती के उद्गम स्थल की धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा है। मुलताई को ताप्ती नदी के उद्गम स्थल के रूप में देशभर में विशेष धार्मिक मान्यता प्राप्त है। स्थानीय श्रद्धालुओं घनश्याम, पवन, संजय सहित अन्य नागरिकों का कहना है कि मुख्यमंत्री की घोषणा और नगरपालिका का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद भी नाम परिवर्तन में देरी समझ से परे है। नगरवासियों और श्रद्धालुओं को अब शासन के अगले कदम का इंतजार है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित