मुरैना , जनवरी 30 -- मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 17 करोड़ रुपये मूल्य की 85 बीघा से अधिक शासकीय भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ के निर्देश पर तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सबलगढ़ सुश्री मेघा तिवारी के मार्गदर्शन में शुक्रवार को तहसील कैलारस के ग्राम सेमई में की गई।
अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत कैलारस तहसीलदार श्री नरेश शर्मा के नेतृत्व में की गई जांच में पाया गया कि ग्राम सेमई में 34 ग्रामीणों द्वारा लगभग 84 से 85 बीघा बेशकीमती शासकीय भूमि पर पिछले करीब 25 वर्षों से अवैध कब्जा कर सरसों एवं गेहूं की खेती की जा रही थी। इस संबंध में जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही थीं।
शुक्रवार दोपहर प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और दो जेसीबी मशीनों तथा चार ट्रैक्टरों की सहायता से खेतों की मेड़ें तोड़कर अवैध रूप से खड़ी फसलों को हटाया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 35 पटवारी, 80 कोटवार तथा 30 पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह भूमि पूर्व में सीमेंट निर्माण करने वाली एमडीएस कंपनी को आवंटित की गई थी। कंपनी के क्षेत्र छोड़ने के बाद धीरे-धीरे इस शासकीय भूमि पर लोगों ने कब्जा कर लिया और सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज भूमि पर निजी खेती की जाती रही। अब प्रशासन ने भूमि को अपने कब्जे में लेकर पुनः सरकारी नक्शे में दर्ज कर लिया है।
तहसीलदार श्री नरेश शर्मा ने बताया कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस भूमि को गोचर के रूप में विकसित करने के लिए कलेक्टर मुरैना को प्रस्ताव भेजा जाएगा, ताकि भविष्य में पशुपालकों और आवारा गोवंश को इसका लाभ मिल सके तथा दोबारा अतिक्रमण न हो।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश गया है कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। वर्षों बाद मुक्त हुई यह भूमि सरकारी संपत्ति के संरक्षण और कानून के शासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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