मुरादाबाद, मई 09 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने मदरसे के अवैध निर्माण पर पांच बुलडोजर चला कर दस हेक्टेयर जमीन मुक्त कराई हैई।

आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को बताया कि दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे-09 पर स्थित जामिया अरबिया हयातुल उलूम मदरसे के अवैध निर्माण पर आज मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) द्वारा ध्वस्तीकरण की बड़ी कार्रवाई की गई। न्यायालय के आदेश के बाद करीब तीन हेक्टेयर जमीन का कब्जा प्राप्त करने के उद्देश्य से प्राधिकरण की टीम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची थी। पांच बुलडोजर की तीन घंटे की कार्रवाई में अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया गया। एमडीए के सचिव पंकज वर्मा ने बताया कि नया मुरादाबाद आवासीय योजना के विकास के लिए प्राधिकरण द्वारा पूर्व में ही इस भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका था। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस भू-भाग पर कार्रवाई की जा रही है, वह उस तीन एकड़ भूमि का हिस्सा है जिसे विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के माध्यम से वर्ष 2004 में ही अधिग्रहित कर आधिकारिक तौर पर एमडीए द्वारा कब्जे में ले लिया गया था, जिसे अब ताजा अदालती फैसले के बाद पूरी तरह से अवैध कब्जे से मुक्त करा लिया गया है।

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दिल्ली-लखनऊ नेशनल हाईवे किनारे करीब 10 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा करके बनाए गए इस मदरसे को हटाने के लिए जिला प्रशासन और एमडीए की टीम ने शनिवार को संयुक्त बुलडोजर ऑपरेशन चलाया। यह विवाद करीब पिछले पांच दशकों से, यानी वर्ष 1980 से चला आ रहा था, जिसमें एमडीए की जमीन पर अवैध कब्जे का आरोप था। एमडीए इस मामले का केस डेढ़ दशक पहले ही अदालत से जीत चुका था, आरोप है कि बार-बार तमाम तकनीकी और कानूनी दांवपेंचों के चलते एमडीए इस भूमि पर भौतिक कब्जा नहीं ले पा रहा था। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल और एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह द्वारा गठित संयुक्त टीम द्वारा आज़ सुबह पांच बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। लगभग तीन घंटे तक चली ध्वस्तीकरण कार्रवाई के दौरान एमडीए उपाध्यक्ष अनुभव सिंह तथा सचिव पंकज वर्मा, टीम सहित मौके पर मौजूद थे।

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