मुरादाबाद , जून 11 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में जिम कॉर्बेट और हरिद्वार जाने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक नया ट्रांजिट डेस्टिनेशन विकसित किया जा रहा है, जिसके सुचारू संचालन और समुचित रखरखाव की जिम्मेदारी मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) को सौंपी जाएगी। 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन टूरिस्ट डेस्टिनेशन' योजना के तहत जिला मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर कांठ विधानसभा के छजलेट ब्लॉक स्थित 10 हेक्टेयर में फैले प्राकृतिक 'मोड़ा तइया' वेटलैंड (झील) का पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा। शासन को भेजे गए विस्तृत प्रस्ताव के मुताबिक, इस रमणीक स्थल पर 200 पर्यटकों के बैठने की व्यवस्था, चार वॉच टावर और नेचर ट्रेल जैसी अत्याधुनिक व प्राकृतिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे यह न केवल स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने जिला वन अधिकारी (डीएफओ) प्रणव जैन और पर्यटन अधिकारी प्रदीप टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ 'मोड़ा तइया' झील का स्थलीय निरीक्षण कर प्रस्तावित कार्यों की रूपरेखा की समीक्षा की और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए। जिलाधिकारी की ओर से पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव को इसका विस्तृत प्रस्ताव भेजकर शासन से इको-टूरिज्म आर्किटेक्ट नामित करने और बजट स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया है, ताकि इस प्राकृतिक धरोहर को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में ढाला जा सके।

यह प्राकृतिक झील जैव विविधता के मामले में बेहद समृद्ध है और अक्टूबर-नवंबर से लेकर फरवरी-मार्च तक सात समंदर पार से आने वाले विदेशी परिंदों से गुलजार रहती है। सेंट्रल एशिया, मंगोलिया, कजाकिस्तान और तिब्बत जैसे सुदूर देशों से हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर साइबेरियन क्रेन, ग्रेलैग गूज, पिनटेल और रडी शेल्डक जैसे दुर्लभ पक्षी यहां डेरा डालते हैं। इसके अलावा झील में सारस क्रेन और एशियन ओपनबिल सहित दो दर्जन से अधिक स्थानीय प्रजातियों के पक्षी भी पाए जाते हैं। कमल के फूलों से आच्छादित यह झील प्रकृति प्रेमियों और बर्ड वॉचर्स के लिए एक बड़ा केंद्र बनने जा रही है।

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