मुरादाबाद , अप्रैल 16 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटियों के भविष्य को संवारने में प्रभावी साबित हो रही है। योजना के तहत अब तक जिले की 31,372 बालिकाओं को लाभान्वित किया जा चुका है। जिला प्रोबेशन अधिकारी राजेश गुप्ता ने गुरुवार को बताया कि यह योजना बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने, लिंगानुपात सुधारने तथा बाल विवाह रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 7,809 नए आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 5,037 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान कर शासन को भेज दिया गया है।

योजना के अंतर्गत बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक कुल 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि छह चरणों में सीधे बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की जाती है। इससे पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है।

उन्होंने बताया कि योजना के तहत जन्म के समय 5,000 रुपये, टीकाकरण पूर्ण होने पर 2,000 रुपये, कक्षा एक में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा छह में प्रवेश पर 3,000 रुपये, कक्षा नौ में प्रवेश पर 5,000 रुपये तथा 10वीं या 12वीं उत्तीर्ण कर डिग्री अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये दिए जाते हैं।

अधिकारी ने बताया कि अब तक जन्म और टीकाकरण श्रेणी में सर्वाधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, इसलिए इन दोनों चरणों में सबसे अधिक लाभ वितरित किया गया है। योजना का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जनपद, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत शिविरों का आयोजन, होर्डिंग तथा वॉल पेंटिंग के माध्यम से लोगों को योजना की जानकारी दी जा रही है।

उन्होंने बताया कि आवेदन प्रक्रिया सरल बनाई गई है। पात्र परिवार आवश्यक दस्तावेजों के साथ जन सेवा केंद्र, साइबर कैफे अथवा स्मार्टफोन के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का सत्यापन कर उनका निस्तारण भी किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' की भावना को मजबूती प्रदान करते हुए जिले में बेटियों के सपनों को पंख दे रही है।

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