मुरादाबाद , जून 24 -- उत्तर प्रदेश में हाल के दिनों में सामने आई अग्निकांड और सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बाद भवन सुरक्षा मानकों को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। इसी क्रम में मुरादाबाद विकास प्राधिकरण (एमडीए) ने विशेष जांच अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नियमों की अनदेखी कर संचालित किए जा रहे दीपा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर को सील कर दिया।
शासन के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अस्पतालों, कोचिंग सेंटरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में एमडीए की टीम ने दीपा हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर के भवन से संबंधित अभिलेखों, स्वीकृत मानचित्र, निर्माण अनुमति तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार जांच के दौरान भवन में निर्धारित मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं पाई गईं। इसके बाद एमडीए की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में अस्पताल परिसर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई की। प्रशासन ने बिना किसी विवाद के पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई।
अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील संस्थानों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। ऐसे में जनहित और मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए कठोर कदम उठाना आवश्यक है। एमडीए ने स्पष्ट किया है कि शहर में बिना स्वीकृत मानचित्र, आवश्यक अनुमतियों अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर संचालित किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। अस्पतालों के अलावा कोचिंग सेंटर, स्कूल, व्यावसायिक भवन और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठान भी जांच के दायरे में हैं।
प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा और शहरभर में निरीक्षण किए जाएंगे। जिन संस्थानों में अग्निशमन व्यवस्था, आपातकालीन निकास, पार्किंग, भवन निर्माण नियमों अथवा अन्य आवश्यक मानकों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
एमडीए की कार्रवाई के बाद विभिन्न संस्थानों के संचालकों में हड़कंप की स्थिति है। सूत्रों के अनुसार कई प्रतिष्ठान अब अपने दस्तावेजों और सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा में जुट गए हैं ताकि किसी संभावित कार्रवाई से बचा जा सके। प्राधिकरण ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि किसी अस्पताल, कोचिंग सेंटर या सार्वजनिक संस्थान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी दिखाई दे तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अभियान बिना किसी दबाव के जारी रहेगा।
एमडीए की इस कार्रवाई को शहर में अवैध निर्माण और नियमविरुद्ध संचालन के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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