मुरादाबाद , अप्रैल 26 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले में रिहायशी इलाकों की जनसांख्यिकी को लेकर उपजा तनाव अब सार्वजनिक रूप से सामने आने लगा है। कटघर थाना क्षेत्र के लाजपतनगर स्थित श्रीराम सोसाइटी में कई मकानों के बाहर लगाए गए पोस्टरों ने सामाजिक माहौल को लेकर नई बहस छेड़ दी है। पुलिस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। सूत्रों के अनुसार श्रीराम सोसाइटी में दो दर्जन से अधिक मकानों के बाहर बड़े-बड़े पोस्टर चस्पा किए गए हैं, जिन पर लिखा गया है कि यह एक पूर्णतः हिंदू सनातनी सोसाइटी है और यहां किसी अन्य मजहब के व्यक्ति का रहना या मकान खरीदना प्रतिबंधित है।

सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि यह कदम उन्होंने अपनी धार्मिक पहचान और जीवनशैली की रक्षा के लिए उठाया है। कॉलोनी के भीतर स्थित पार्क में प्रभु श्रीराम का मंदिर है, जहां नियमित रूप से सुबह-शाम आरती और भजन-कीर्तन होता है।

स्थानीय निवासी राजेंद्र अग्रवाल के अनुसार, उन्हें आशंका है कि यदि अन्य समुदाय के लोग यहां आकर बसते हैं तो भविष्य में पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों को लेकर असहजता तथा विवाद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी आशंका के चलते लोगों ने न केवल अपने घरों पर पोस्टर लगाए हैं, बल्कि सोसाइटी के मुख्य द्वार पर भी पहचान दर्शाने वाला बोर्ड लगा दिया है। निवासियों ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में हस्तक्षेप कर समाधान की मांग भी की है।

उल्लेखनीय है कि मुरादाबाद में इस प्रकार का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन वर्ष पूर्व भी समुदाय विशेष को मकान बेचे जाने के विरोध में स्थानीय निवासियों ने सामूहिक पलायन की चेतावनी दी थी। इस घटनाक्रम ने जिला प्रशासन और पुलिस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है, जहां एक ओर संवैधानिक अधिकारों का प्रश्न है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों की सांस्कृतिक सुरक्षा की मांग भी सामने है।

फिलहाल, लाजपतनगर की इस सोसाइटी में लगे पोस्टर शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं और लोग इसे शहर के पुराने सांप्रदायिक इतिहास तथा वर्तमान असुरक्षा की भावना से जोड़कर देख रहे हैं।

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