मुरादाबाद। , जुलाई 14 -- उत्तर प्रदेश में गन्ना विकास विभाग और वाधवानी फाउंडेशन (एसडीएन) द्वारा संयुक्त रूप से सहकारी गन्ना समितियों के स्कूलों-कॉलेजों के शिक्षकों को रोजगारपरक शिक्षा का मास्टर ट्रेनर बनाने के लिए लखनऊ में तीन दिवसीय प्रशिक्षण शुरू किया है, लेकिन इस बड़ी पहल का लाभ सूबे के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक क्षेत्रों में शामिल मुरादाबाद मंडल के छात्रों को नहीं मिल पा रहा है। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास विभाग और स्किल्स डिवेलपमेंट नेटवर्क के संयुक्त तत्वावधान में लखनऊ स्थित लाल बहादुर शास्त्री गन्ना किसान संस्थान में सोमवार से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक कौशल सिखाना है ताकि वे आगे चलकर छात्रों को रोजगार की जरूरतों के मुताबिक तैयार कर सकें।

वहीं दूसरी तरफ, गन्ना उत्पादन में अग्रणी होने के बावजूद मुरादाबाद मंडल इस योजना के व्यावहारिक लाभ से पूरी तरह अछूता है।

मंडल के मुरादाबाद, बिजनौर, संभल, रामपुर और अमरोहा जिलों में कुल 24 चीनी मिलें संचालित हैं, जिन्हें सहकारी गन्ना विकास समितियों के माध्यम से गन्ना उपलब्ध कराया जाता है। इतने बड़े पैमाने पर गन्ना उत्पादन होने के बावजूद इन गन्ना समितियों ने क्षेत्र में अब तक ऐसा कोई शिक्षण संस्थान स्थापित नहीं किया है जो युवाओं को आधुनिक कौशल विकास और उद्योग आधारित रोजगारपरक शिक्षा दे सके। पड़ोस के रुहेलखंड क्षेत्र में बरेली के बहेड़ी में गन्ना उत्पादक स्नातकोत्तर महाविद्यालय संचालित है, लेकिन मुरादाबाद मंडल में गन्ना समितियों से संबद्ध एक भी ऐसा संस्थान नहीं है।

विभागीय सूत्रों ने मंगलवार को बताया कि लखनऊ में चल रहे इस प्रशिक्षण में सहकारी गन्ना विकास समितियों के अंतर्गत आने वाले चुनिंदा शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों को शामिल किया जा रहा है, जो आगे चलकर छात्रों को प्रशिक्षित करेंगे। चूंकि यह पहल अभी शुरुआती चरण में है, इसलिए मुरादाबाद मंडल में बुनियादी ढांचा न होने के कारण यहां के छात्रों तक इसका सीधा लाभ पहुंचने में अभी लंबा समय लगने के आसार हैं।

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