मुरादाबाद , सितंबर 06 -- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पीढ़ियों से धातु शिल्प विरासत की पहचान रही कारीगरी अब आधुनिक घरेलू सजावट के नए रूप में वैश्विक डिजाइन बाजार तक पहुंच रही है।

मुरादाबाद स्थित ईपीसीएच डिजाइनिंग 'रायज़' स्टूडियो ने अपने नवीनतम 'कलेक्शन 2' के जरिए पारंपरिक धातु शिल्प को समकालीन घरों की जरूरत और सौंदर्यबोध के अनुरूप नया रूप दिया है। संग्रह में सर्विंग पीस, कैंडल स्टैंड, ट्रे, बाउल और सजावटी वस्तुओं को शामिल किया गया है, जिनमें धातु की हस्तनिर्मित बनावट और आधुनिक आकार इसकी खास पहचान है। संग्रह को पहली बार न्यूयॉर्क के शोपी आब्जेकट में प्रदर्शित किया गया और अब यह भारत में भी उपलब्ध है।

रायज़ स्टूडियो की संस्थापक सारा हुसैन के मुताबिक ब्रांड का नाम स्पेनिश शब्द 'आरएआईजेड' से लिया गया है, जिसका अर्थ 'जड़' अर्थात 'नींव' है। यह नाम उस सोच को दर्शाता है, जिसमें पारंपरिक ज्ञान और पीढ़ियों से चली आ रही कारीगरी को आधुनिक जीवनशैली के अनुरूप नए रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है।

स्टूडियो के अनुसार इसकी जड़ें 1986 से मुरादाबाद में चली आ रही धातु निर्माण और निर्यात की पारिवारिक परंपरा से जुड़ी हैं। 'कलेक्शन 2' में धातु को अपेक्षाकृत कम कठोर और अधिक कलात्मक रूप देने पर जोर दिया गया है। संग्रह के अधिकांश उत्पाद एल्युमिनियम से तैयार किए गए हैं, जबकि कुछ चुनिंदा सर्विंग उत्पादों में स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल किया गया है। गोल्ड और सिल्वर फिनिश में उपलब्ध इन वस्तुओं की सतह और आकार में दिखाई देने वाली हल्की असमानताएं इनके हस्तनिर्मित होने की पहचान हैं।

स्टूडियो का कहना है कि हाथ से तैयार किए जाने के कारण प्रत्येक वस्तु में मामूली अंतर रहता है और यही उसकी विशिष्टता है। संग्रह को तीन प्रमुख डिजाइन दिशाओं में देखा जा सकता है। मोनोलिथ उप-संग्रह में अपेक्षाकृत ठोस और वास्तुशिल्पीय आकृतियां हैं, जबकि मोल्टेन रेंज में तरल धातु जैसी गतिशील और जानबूझकर थोड़ी अपूर्ण सतहों को उभारा गया है। वहीं ग्लाइफ श्रृंखला में सर्विंग स्पून, चीज नाइफ, केक सर्वर और छोटे सर्विंग पीस शामिल हैं, जिनमें पारंपरिक सर्ववेयर से अलग सूक्ष्म अलंकरण और समकालीन आकार दिखाई देते हैं।

रायज़ स्टूडियो की आधिकारिक जानकारी के अनुसार उसके उत्पाद मुरादाबाद में पीढ़ियों से धातु के साथ काम कर रहे कारीगरों के सहयोग से तैयार होते हैं। कंपनी अपने काम को पारंपरिक शिल्प और आधुनिक तकनीकों के संतुलन के रूप में प्रस्तुत करती है और बताती है कि उसके उत्पाद अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। स्टूडियो के लिए मुरादाबाद केवल उत्पादन केंद्र नहीं, बल्कि उसकी डिजाइन पहचान की बुनियाद है। चार दशकों से अधिक समय से परिवार का धातु निर्माण और निर्यात कारोबार अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ा रहा है। अब उसी अनुभव को अपने ब्रांड नाम के तहत प्रस्तुत करते हुए रायज़ स्टूडियो भारतीय धातु शिल्प को घरेलू सजावट के समकालीन वैश्विक बाजार में नई पहचान देने की कोशिश कर रहा है।

इस तरह 'कलेक्शन 2' महज घरेलू सजावट की वस्तुओं का संग्रह नहीं, बल्कि मुरादाबाद की पारंपरिक धातु कारीगरी को आधुनिक डिजाइन भाषा में पेश करने का प्रयास है। पीढ़ियों के हुनर से निकली धातु अब सिर्फ बर्तन या सजावटी सामान नहीं, बल्कि आधुनिक घरों के लिए डिजाइन स्टेटमेंट बन रही है।

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