गोण्डा , मई 11 -- अंतरराष्ट्रीय पहलवान विनेश फौगाट ने सोमवार को भारतीय कुश्ती संघ (डब्ल्यूएफआई) पर उन्हें जान बूझकर नेशनल ओपन रैकिंग टूर्नामेंट से बाहर रखने का आरोप लगाया। टूर्नामेंट में भाग लेने नंदनीनगर पहुंची फौगाट ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि डब्ल्यूएफआई के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के इशारे पर उन्हें ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में नहीं खेलने देने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि संन्यास से वापसी के लिए उन्होंने सभी आवश्यक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन किया है तथा डब्ल्यूएफआई द्वारा जारी 'कारण बताओ' नोटिस का जवाब भी भेज दिया है।

फौगाट ने कहा कि वह पूरी तैयारी और डोप टेस्ट में क्लीन होकर प्रतियोगिता खेलने आई हैं। उन्होंने बताया कि डब्ल्यूएफआई की ओर से उन्हें शुक्रवार को नोटिस जारी किया गया, जबकि प्रतियोगिता शुरू होने में केवल दो दिन शेष थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब उन्होंने दिसंबर 2024 में ही वापसी की इच्छा जाहिर कर दी थी तो छह महीने तक नोटिस क्यों नहीं भेजा गया।

उन्होंने कहा कि यदि पहले नोटिस जारी किया जाता तो समय रहते जवाब दिया जा सकता था, लेकिन शनिवार और रविवार को अदालत बंद रहने के कारण कानूनी मदद लेने का अवसर भी नहीं मिला।

विनेश ने दावा किया कि उन्होंने जून 2024 में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू) को भी अपने संन्यास से वापसी की जानकारी दे दी थी और वापसी से संबंधित सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली थीं। उन्होंने 26 जून 2026 तक अयोग्य घोषित किए जाने के निर्णय को गलत बताया।

वहीं भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह ने विनेश के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि पंजीकरण के बाद जांच प्रक्रिया के तहत उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नियमों के अनुसार जवाब मिलने और प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें टूर्नामेंट में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

उन्होंने कहा कि विनेश नंदनीनगर में खेलने की अनुमति मांगने आई थीं, लेकिन डब्ल्यूएफआई नियमों के विरुद्ध जाकर किसी को अनुमति नहीं दे सकता। संजय सिंह ने कहा कि वर्तमान में कुश्ती व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो रही है और देशभर के पहलवान प्रतियोगिताओं में भाग लेकर संतुष्ट हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि विनेश फोगाट का स्वागत है, लेकिन मौजूदा टूर्नामेंट में उन्हें खेलने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

गौरतलब है कि भारतीय कुश्ती महासंघ ने शनिवार को विनेश फौगाट को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. इस नोटिस में उन पर अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया था। विवाद तब शुरू हुआ जब डब्ल्यूएफ़आई ने एंटी डोपिंग नियमों के तहत संन्यास से वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए तय छह महीने की अनिवार्य नोटिस अवधि का हवाला देते हुए विनेश को 26 जून 2026 तक घरेलू प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया था।

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