पटना , मार्च 24 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य में एलपीजी की वर्तमान स्थिति एवं वितरण व्यवस्था की एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आपूर्ति श्रृंखला में आए सुधार को देखते हुए दो बड़े निर्णय लिए गए हैं, जिससे व्यावसायिक और घरेलू दोनों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने कहा कि कमर्शियल गैस की आपूर्ति, जो पूर्व में केवल 20 प्रतिशत तक सीमित कर दी गई थी, उसे अब बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया है। ग्रामीण इलाक़ों के घरेलू गैस उपभोक्ताओं के लिए अब एक सिलेंडर प्राप्त करने के बाद अगले सिलेंडर की बुकिंग के लिए 25 दिनों का अनिवार्य अंतराल निर्धारित किया गया है जो कि पहले 45 दिन था। यानी, एक रिफिल प्राप्त होने के 25 दिन बाद अगली बुकिंग की जा सकेगी। यह व्यवस्था पैनिक बुकिंग को रोकने और सभी परिवारों तक समान रूप से गैस पहुँचाने के लिए लागू की गई है।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने राज्य के सभी जिलाधिकारियों द्वारा स्थिति को कुशलतापूर्वक संभालने और नियमित रूप से संवाददाता सम्मेलन के माध्यम से जनता को जागरूक रखने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सूचनाओं के पारदर्शी प्रवाह से अफवाहों पर लगाम लगी है।
मुख्य सचिव ने सभी तेल कंपनियों और जिला प्रशासन को निर्देश दिया कि वर्तमान में लंबित सिलेंडरों की डिलीवरी को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द क्लीयर किया जाए। एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी में संलिप्त असामाजिक तत्वों और अनियमितता बरतने वाली एजेंसियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया गया है। जिला प्रशासन को औचक निरीक्षण और छापेमारी तेज करने को कहा गया है।
मुख्य सचिव ने अपील की कि राज्य में गैस का पर्याप्त स्टॉक है, अतः उपभोक्ता धैर्य रखें और नए नियमों का पालन करते हुए प्रशासन का सहयोग करें।
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