पटना , अप्रैल 27 -- बिहार सरकार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को 'क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप' (सीएमजी) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में राज्य में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) कनेक्शन की प्रगति, स्मार्ट प्रीपेड मीटर और घरेलू एलपीजी आपूर्ति की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में यह जानकारी साझा की गई कि बिहार के सभी 38 जिलों को 14 भौगोलिक क्षेत्रों में बाँटकर छह गैस कंपनियों को अधिकृत किया गया है। राज्य में पीएनजी बुनियादी ढाँचे के विकास में अभूतपूर्व तेजी आई है। 26 अप्रैल 2026 तक राज्य में कुल 1,06,835 (लगभग 1.07) घरेलू पीएनजी कनेक्शन लाइव हो चुके हैं। सहरसा जिले में 21 अप्रैल 2026 को गैस आपूर्ति शुरू होने के साथ ही राज्य के 19 जिले (50 प्रतिशत) अब गैसीफाइड हो चुके हैं। पिछले साल जहाँ प्रति माह 3000-3500 कनेक्शन दिए जा रहे थे, वहीं अप्रैल 2026 में यह बढ़कर 9,132 कनेक्शन प्रति माह तक पहुँच गई है। इसे जल्द ही 12,000 प्रति माह करने का लक्ष्य है।
बैठक में बताया गया कि गैर-गैसीफाइड 10 जिलों (जैसे बांका, बक्सर, दरभंगा, मधुबनी) में पाइपलाइन बिछाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। बांका में 30 अप्रैल 2026 तक गैस आपूर्ति शुरू होने की संभावना है।
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों और गैस कंपनियों को निर्देश दिये कि ठेकेदारों और प्लंबरों की संख्या बढ़ाई जायें, जिससे प्रति दिन कन्वर्जन की दर को दोगुना किया जा सके। उन्होंने पीएनजी पंजीकरण को बढ़ावा देने के लिए वार्ड स्तर पर शिविर लगाने और ऑडियो प्रचार (ऑटो अनाउंसमेंट) के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिये। उन्होंने सहरसा में 02 मई 2026 तक डी-पीएनजी परिचालन शुरू करने और दरभंगा व मधुबनी जैसे जिलों में जुलाई-अगस्त तक गैस पहुँचाने का लक्ष्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।
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