पटना , अक्टूबर 26 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में विकास योजनाओं और जनहित से जुड़े कार्यों नशा मुक्त बिहार अभियान तथा छठ की तैयारियों में तेजी लाने के लिए जिलाधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

श्री प्रत्यय ने राज्य की सड़कों और पुलों का संयुक्त निरीक्षण 12 नवंबर तक पूरा कर रिपोर्ट पीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड करने, नशा मुक्त बिहार अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा छठ महापर्व की तैयारियां समय से पूरी करने को कहा है।

श्री अमृत की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में राज्य की महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, सामाजिक अभियानों, मीडिया प्रबंधन और आगामी त्योहारों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिव उपस्थित रहे, जबकि सभी 38 जिलों के जिलाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

मुख्य सचिव ने सड़क एवं पुलों के रखरखाव की समीक्षा के दौरान पथ निर्माण विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग तथा नगर विकास एवं आवास विभाग को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए। सभी कार्यपालक अभियंताओं को नोडल अधिकारी बनाया गया है।

इस दौरान जिलाधिकारियों को प्रत्येक डिवीजन के लिए एक अधिकारी नामित कर 14 कार्य दिवसों के भीतर, यानी 12 नवंबर 2026 तक, निरीक्षण पूरा कराने और रिपोर्ट पीएमआईएस पोर्टल पर अपलोड कराने को कहा गया।

उन्होंने दीपावली के बाद घर लौटने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सड़कों की मरम्मत, साइन बोर्डों को दुरुस्त करने और 'कायाकल्प अभियान' के तहत लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। खराब सड़कों के निरीक्षण में वीडियो कैमरों के इस्तेमाल तथा स्ट्रीट लाइटों को पूरी तरह क्रियाशील बनाने में शून्य सहनशीलता की नीति अपनाने को भी कहा।

बैठक में घरेलू पाइपलाइन प्राकृतिक गैस (पीएनजी) और संपीड़ित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) नेटवर्क के विस्तार की भी समीक्षा की गई। पटना, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सारण और गया सहित प्रमुख जिलों में इसकी प्रगति का जायजा लिया गया। मुख्य सचिव ने नौ ऐसे जिलों में भूमि आवंटन और पाइपलाइन बिछाने की अनुमति से संबंधित लंबित प्रक्रियाओं में तेजी लाने के निर्देश दिए, जहां अभी गैस नेटवर्क उपलब्ध नहीं है। प्रीपेड और स्मार्ट मीटर लगाने में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों तथा मानव संसाधन की कमी दूर करने के लिए विशेष कार्ययोजना बनाने को भी कहा गया।

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