लखनऊ , अप्रैल 24 -- उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल के साथ प्रादेशिक विकास सेवा (पीडीएस) संवर्ग के पदाधिकारियों के मांग पत्र पर विस्तृत बातचीत हुई। बैठक में संगठन की विभिन्न मांगों पर मुख्य सचिव ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने विशेष रूप से खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारियों से भी बीडीओ के कार्यों को लेकर अच्छा फीडबैक मिलता है और संवर्ग के प्रति उनका दृष्टिकोण बेहद सकारात्मक है। संगठन द्वारा रखी गई पांच प्रमुख मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। इस पर मुख्य सचिव ने बीडीओ कार्यालय की संरचना को और मजबूत बनाने की मांग को उचित ठहराया।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2016 के शासनादेश में भी इसी भावना का उल्लेख है और इस संबंध में प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज से चर्चा करने का आश्वासन दिया।

क्लस्टर आवंटन को लेकर संगठन ने पूर्व में दिए गए आश्वासन की याद दिलाई। मुख्य सचिव ने इस मांग को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि क्लस्टर आवंटन में बीडीओ की भूमिका स्पष्ट और प्रभावी होनी चाहिए। उन्होंने 2016 के शासनादेश की प्रति भी लेकर व्यक्तिगत रूप से इसकी समीक्षा करने की बात कही। इस मांग को मुख्य सचिव ने औचित्यपूर्ण माना और 'फ्लोटिंग' व्यवस्था को समाप्त करने पर विचार करने का संकेत दिया। पीडीएस कैडर रिव्यू के मुद्दे पर संगठन ने अन्य विभागों में उच्च ग्रेड पे के उदाहरण रखे।

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