पटना, अप्रैल 17 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में शुक्रवार को राज्य के चार लिगेसी एंड थ्रस्ट जिलों में शुक्रवार को विकासात्मक मुद्दों पर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया ।
इस बैठक में मुख्य रूप से औरंगाबाद, गया, जमुई और लखीसराय जिलों में सुरक्षा और विकास कार्यों की प्रगति का मूल्यांकन किया गया।
समीक्षा में स्पष्ट किया गया कि बिहार राज्य अब नक्सल मुक्त हो चुका है।वर्ष 2020 के बाद से नक्सलियों द्वारा पुलिस पर किसी भी हिंसक हमले की घटना नहीं हुई है ।जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच सघन अभियानों के तहत 256 उग्रवादियों को गिरफ्तार किया गया है।
वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (आरसीपीएलडब्लूईए)योजना के तहत स्वीकृत 153 सड़कों (1980.8 किमी) में से 132 सड़कों (1825.12 किमी) और 74 पुलों का निर्माण कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
दूरसंचार संपर्क को सुदृढ़ करने के लिये कई वन स्वीकृति के मुद्दों का समाधान किया जा रहा है।पश्चिम चंपारण और जमुई में एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय वर्तमान में संचालित हैं ।इन विद्यालयों के संचालन को सुगम बनाने हेतु बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) से संबद्धता पर जोर दिया जा रहा है ।वित्तीय समावेशन के अंतर्गत इन चार जिलों में 782 बैंक शाखाएं कार्यरत हैं, जो पूरे राज्य की कुल शाखाओं का 10 प्रतिशत हैं । बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार के लिये बिहार सरकार की ओर से पंचायत सरकार भवनों में बैंक शाखाएं खोलने के लिए किराया-मुक्त स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है।
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