पटना , अप्रैल 16 -- बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरूवार को 'जनगणना 2027' के मकान सूचीकरण के दौरान स्व-गणना 17 अप्रैल से 01 मई 2026) से संबंधित तैयारियों की समीक्षा के लिये महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

सचिवालय सभा कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति के सदस्य एवं प्रधान जनगणना अधिकारी शामिल हुए।

बैठक में निदेशक, जनगणना कार्य -सह- मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी, बिहार ने मुख्य सचिव श्री अमृत को स्व-गणना की तैयारियों से अवगत कराया एवं इसके संबंध में एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

श्री अमृत ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि यह एक राष्ट्रहित का कार्य है और सभी को भारत सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही कार्य करना है। जनगणना का कार्य दो चरणों में प्रस्तावित है। प्रथम चरण की शुरुवात दिनांक 02 मई,2026 से मकान सूचीकरण एवं मकान गणना के कार्य से शुरू होगा लेकिन इसके पूर्व 17 अप्रैल,2026 से स्व-गणना का कार्य आरंभ होगा जो एक मई,2026 तक चलेगा।उन्होंने सभी जिलाधिकारियों, अपर मुख्य सचिवों, प्रधान सचिवों और सचिवों को इस अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के निर्देश दिये।

सचिव श्री अमृत ने निर्देश दिये कि सभी जिलाधिकारी जिला, अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर गणमान्य व्यक्तियों की एक सूची तैयार करें और उनसे स्व-गणना करवाएँ, जिससे जिलावासियों को भी इस अभियान में भाग लेने की प्रेरणा मिले।विभागवार यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी निदेशालयों, प्रभागों, निगमों और जिलों के विभिन्न विभागों में कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी अपनी स्व-गणना समय से पूर्ण करें।स्व-गणना हेतु प्रभावी जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में इस अभियान से सभी को जोड़ने के लिए 'जीविका दीदियों' की मदद ली जाए।

इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग तथा प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सभी जिलाधिकारियों एवं विभागों के प्रधान सचिवों/सचिवों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित