पटना , मार्च 30 -- बिहार में आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा प्रवासी श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के उद्देश्य से सोमवार को राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप (सीएमजी) की पहली उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई।
इस समीक्षा बैठक में विकास आयुक्त, अपर मुख्य सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक सहित कृषि, स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, सहकारिता, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, ऊर्जा, परिवहन तथा आपदा प्रबंधन विभागों के प्रधान सचिव/सचिव स्तर के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी जिलों के प्रभारी सचिव, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक (एसपी) और प्रमंडलीय आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इसके अतिरिक्त, प्रमुख तेल कंपनियों के प्रतिनिधि भी बैठक में शामिल हुए। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग को इस समूह का नोडल विभाग नामित किया गया है।
मुख्य सचिव श्री अमृत ने निर्देश दिया कि क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक अब प्रत्येक सोमवार को नियमित रूप से आयोजित की जाएगी।
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से बताया कि वर्तमान में व्यावसायिक मांग का 60 प्रतिशत पूरा किया जा रहा है। पूरे बिहार में पीएनजी कनेक्शन के लिए 3,68,783 घरों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से 2,30,939 घर कनेक्शन के लिये तैयार हैं और 31,458 घर चार्जिंग के लिये तैयार हैं।
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