उज्जैन , अगस्त 08 -- मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन न्यायिक अधोसंरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने को लेकर लगभग 18.66 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले न्यायाधीश अतिथि गृह का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया।
इस अवसर पर श्री यादव ने कहा कि उज्जैन में न्यायाधीश अतिथि गृह का निर्माण न्यायिक अधोसंरचना के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न्यायिक संचालन में सुविधा एवं दक्षता बढ़ेगी तथा उज्जैन की न्यायिक अधोसंरचना को नई मजबूती मिलेगी। यह न्यायाधीश अतिथि गृह लगभग 1.947 एकड़ भूमि क्षेत्र में निर्मित किया जाएगा। यह भवन आधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। इस भवन में भूतल पर 4 वीआईपी सुइट्स एवं 2 सामान्य सुइट्स तथा प्रथम तल पर 1 वीवीआईपी सुइट और आठ सामान्य सुइट्स प्रस्तावित हैं। अतिथि गृह में न्यायाधीशों के ठहरने के लिए आवश्यक सुविधाओं का समुचित प्रावधान किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था को प्रभावी और सुचारु बनाने के लिए गुणवत्तापूर्ण एवं आधुनिक अधोसंरचना का महत्वपूर्ण योगदान है। न्यायाधीश अतिथि गृह के निर्माण से विभिन्न न्यायालयों एवं न्यायिक संस्थानों से उज्जैन आने वाले न्यायाधीशों को बेहतर एवं सुविधायुक्त आवासीय सुविधा उपलब्ध होगी। समारोह में मुख्यमंत्री ने सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत को श्री महाकालेश्वर मंदिर की प्रतिकृति भेंट की एवं जिला अभिभाषक संघ द्वारा समारोह में आये सभी न्यायाधीशों को भगवान श्री महाकालेश्वर का छायाचित्र भेंट किया गया।
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